31 साल पुराने मामले में पप्पू यादव गिरफ्तार, आधी रात तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को 31 साल पुराने मामले में पटना पुलिस ने देर रात गिरफ्तार किया। समर्थकों के हंगामे, मेडिकल जांच और कोर्ट वारंट से जुड़ी पूरी खबर पढ़ें।

31 साल पुराने मामले में पप्पू यादव गिरफ्तार, आधी रात तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा

बिहार की पूर्णिया लोकसभा सीट से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी 31 साल पुराने एक मामले में की गई, जिसकी तलाशी और कार्रवाई को लेकर उनके मंदिरी स्थित आवास पर काफी देर तक तनावपूर्ण हालात बने रहे। गिरफ्तारी से पहले पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी नोंकझोंक भी देखने को मिली, जिससे माहौल पूरी तरह हाई वोल्टेज हो गया।

कोर्ट के वारंट के बाद हरकत में आई पुलिस
पटना के स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट ने पप्पू यादव के खिलाफ गिरफ्तारी और कुर्की का वारंट जारी किया था। इसी वारंट के तामील के लिए पटना पुलिस रात करीब 10:30 बजे उनके आवास पर पहुंची। पुलिस के पहुंचते ही समर्थक इकट्ठा होने लगे और माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण होता चला गया।

सेहत का हवाला देकर हाउस अरेस्ट की मांग
गिरफ्तारी से पहले पप्पू यादव ने पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी खराब सेहत का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही है और नियमित दवा की जरूरत है। इसी आधार पर उन्होंने हाउस अरेस्ट की मांग की और मेडिकल रिपोर्ट भी सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह को दिखाई। हालांकि पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी के बाद मेडिकल जांच कराई जाएगी।

समर्थकों के हंगामे के बीच आधी रात गिरफ्तारी
करीब डेढ़ घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान समर्थकों की संख्या लगातार बढ़ती रही। नारेबाजी, धक्का-मुक्की और पुलिस की सख्ती के बीच हालात और बिगड़ते चले गए। अंततः आधी रात करीब 12 बजे पप्पू यादव ने खुद गिरफ्तारी देने पर सहमति जताई। पुलिस को उन्हें समर्थकों की भीड़ से निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, कुछ समर्थक तो पुलिस वाहन के सामने ही लेट गए।

गिरफ्तारी के बाद आईजीएमएस में मेडिकल जांच
गिरफ्तारी के बाद पुलिस पप्पू यादव को सीधे पटना के आईजीएमएस अस्पताल लेकर पहुंची। यहां रात करीब 12:45 बजे उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें एक्स-रे और ईसीजी जैसी जांचें शामिल रहीं। फिलहाल उन्हें आईजीएमएस के इमरजेंसी वार्ड में ही रखा गया है।

पुलिस का पक्ष—कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई
सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि यह पुलिस का अधिकार है कि आरोपी को किस थाने या स्थान पर रखा जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पप्पू यादव को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा, क्योंकि यह पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है।

1995 का विवादित किरायेदारी मामला
जिस मामले में पप्पू यादव की गिरफ्तारी हुई है, उसकी जड़ें साल 1995 तक जाती हैं। पटना के गर्दनीबाग थाना क्षेत्र में विनोद बिहारी लाल नामक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि पप्पू यादव और उनके सहयोगियों ने धोखाधड़ी करते हुए उनका मकान किराए पर लिया और कई अहम बातें छिपाईं। यह मामला करीब तीन दशक से अधिक समय से कोर्ट में लंबित है।

कोर्ट में पेश न होने पर बढ़ी मुश्किलें
कोर्ट रिकॉर्ड के मुताबिक, इस मामले में पप्पू यादव को कई बार पेश होने के आदेश दिए गए थे, लेकिन वे अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इसी आधार पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी किया, जिसके बाद अब यह कार्रवाई हुई है।