जंग के बीच ‘बातचीत’ पर टकराव: ट्रंप के दावे को ईरान ने बताया फेक गेम
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के ट्रंप के दावे को ईरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। गालिबफ ने इसे फेक न्यूज बताते हुए कड़ा संदेश दिया, जिससे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका है।
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उनकी ईरान के साथ बातचीत हुई है और अगले पांच दिनों तक अमेरिका ईरान पर हमला नहीं करेगा। हालांकि, इस बयान के तुरंत बाद ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसने पूरे दावे को ही नकार दिया है।
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने इस तरह की खबरों को पूरी तरह झूठा बताते हुए कहा कि यह सिर्फ भ्रामक जानकारी फैलाने की कोशिश है।
ईरान का सख्त संदेश
गालिबफ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखते हुए कहा कि ईरानी जनता हमलावर देशों—अमेरिका और इजरायल—के खिलाफ कड़ी सजा की मांग कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक यह लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता, तब तक ईरान के सभी अधिकारी अपने सर्वोच्च नेता और जनता के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।
‘फेक न्यूज’ पर सीधा आरोप
अपने एक अन्य संदेश में गालिबफ ने ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि बातचीत की खबरें फर्जी हैं और इनका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय बाजारों, खासकर तेल और वित्तीय बाजारों को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह रणनीति अमेरिका और इजरायल की मौजूदा मुश्किलों से ध्यान हटाने का प्रयास भी हो सकती है।
बातचीत की अटकलों पर विराम
पहले कुछ रिपोर्टों में यह संकेत दिए जा रहे थे कि ईरान की ओर से बातचीत की पहल हो सकती है और गालिबफ इस प्रक्रिया में शामिल हैं, लेकिन अब उनके ताजा बयानों ने इन अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। इससे यह साफ हो गया है कि फिलहाल ईरान बातचीत के मूड में नहीं है।
बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विरोधाभासी बयानों से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ सकता है। पहले से ही जंग जैसे हालात के बीच इस बयानबाजी ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।


आँखें न्यूज़ 24 




