अमेरिका-ईरान टकराव में ‘F-18 गिराने’ का दावा, सच क्या है?

ईरान ने अमेरिकी एफ-18 लड़ाकू विमान गिराने का दावा किया, लेकिन अमेरिका ने इसे झूठ बताया। जानिए इस पूरे मामले की सच्चाई और दोनों पक्षों के बयान।

अमेरिका-ईरान टकराव में ‘F-18 गिराने’ का दावा, सच क्या है?

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नया विवाद सामने आया है। ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिका के एक एफ-18 लड़ाकू विमान को मार गिराया है। इस दावे के साथ एक वीडियो भी साझा किया गया, जिसमें एक फाइटर जेट को हवा में किसी मिसाइल से टकराने के बाद गिरते हुए दिखाया गया। हालांकि इस वीडियो की सच्चाई की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

आधिकारिक पोस्ट, लेकिन जानकारी अधूरी
मुंबई स्थित ईरान के वाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने अमेरिकी एफ-18 विमान को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। लेकिन इस दावे में हमले की जगह, नुकसान या पायलट की स्थिति को लेकर कोई ठोस जानकारी साझा नहीं की गई, जिससे इस पर सवाल भी उठने लगे।

वीडियो में दिखा संदिग्ध हमला
वीडियो में दिखता है कि एक विमान उड़ान के दौरान अचानक एक तेज रोशनी से टकराता है, जिसके बाद वह अस्थिर हो जाता है और उसके पीछे धुएं की लकीर दिखाई देने लगती है। यह दृश्य देखने में गंभीर लगता है, लेकिन इसकी प्रमाणिकता को लेकर अभी भी संदेह बना हुआ है।

अमेरिका ने कहा- पूरी तरह झूठा दावा
ईरान के इस दावे को अमेरिका ने सिरे से खारिज कर दिया। यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने साफ कहा कि ईरान ने किसी भी अमेरिकी लड़ाकू विमान को नहीं गिराया है और यह पूरी तरह झूठा दावा है। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसे दावे पहले भी किए गए हैं, जिन्हें जांच के बाद गलत पाया गया।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे दावे
दरअसल, यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने इस तरह का दावा किया हो। इससे पहले भी ईरानी मीडिया ने अमेरिकी एफ-15 विमान को गिराने की बात कही थी, लेकिन अमेरिकी सेना ने उन दावों को भी खारिज कर दिया था और बताया था कि उनके सभी मिशन सुरक्षित तरीके से पूरे हुए हैं।

एफ-35 को लेकर भी अलग-अलग दावे
ईरान ने एक और दावा करते हुए कहा कि उसने अमेरिकी एफ-35 स्टील्थ फाइटर को नुकसान पहुंचाया, जिसके बाद उसे आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। अमेरिकी अधिकारियों ने इस घटना की पुष्टि तो की, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि यह दुश्मन के हमले का परिणाम था या तकनीकी वजह से हुआ।