दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, जीटीबी अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए शुरू होगा नया विशेषज्ञ कोर्स
दिल्ली सरकार ने बच्चों की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए गुरु तेग बहादुर अस्पताल में पीडियाट्रिक्स इमरजेंसी मेडिसिन का एफएनबी कार्यक्रम शुरू करने का फैसला लिया है। इससे हर साल दो विशेषज्ञ तैयार होंगे और गंभीर बच्चों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।
दिल्ली सरकार ने बाल चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। गुरु तेग बहादुर अस्पताल में पीडियाट्रिक्स इमरजेंसी मेडिसिन का एफएनबी कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस कोर्स में हर वर्ष दो सीटें तय की गई हैं।
आपातकालीन सेवाओं पर जोर
स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि बच्चों की आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। इस फैसले से विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और गंभीर हालत में आने वाले बच्चों को समय पर इलाज मिल सकेगा।
हर साल हजारों बच्चों का इलाज
गुरु तेग बहादुर अस्पताल में हर वर्ष करीब 30 हजार से 35 हजार बाल आपातकालीन मरीज इलाज के लिए आते हैं। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए विशेषज्ञ प्रशिक्षण की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
इलाज की गुणवत्ता होगी बेहतर
सरकार का मानना है कि इस कार्यक्रम के शुरू होने से बच्चों के इलाज की गुणवत्ता में सुधार होगा। खासतौर पर पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के आपातकालीन उपचार में इससे बड़ी मदद मिलेगी।
दो वर्ष का विशेषज्ञ कोर्स
यह एफएनबी कार्यक्रम नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस के तहत संचालित होगा। यह दो वर्ष का उच्च प्रशिक्षण कोर्स है, जिसे एमडी के बाद किया जाता है और इसे वरिष्ठ रेजिडेंसी के बराबर माना जाता है।
सरकार पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त बोझ
प्रशिक्षुओं को मौजूदा रिक्त वरिष्ठ रेजिडेंट पदों के स्थान पर समायोजित किया जाएगा। इससे उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और सरकार पर कोई अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं पड़ेगा।
स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार ऐसी स्वास्थ्य प्रणाली तैयार करने में जुटी है, जो मजबूत, संवेदनशील और भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार हो।


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