AAP सांसदों के पाला बदलते ही सियासी बवाल, हरभजन के घर के बाहर ‘गद्दार’ लिखकर विरोध

सांसदों के पार्टी बदलने के बाद सियासत गरमा गई है। हरभजन सिंह के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे जनता के साथ विश्वासघात बताया और दलबदल के पीछे दबाव व लालच की राजनीति का आरोप लगाया।

AAP सांसदों के पाला बदलते ही सियासी बवाल, हरभजन के घर के बाहर ‘गद्दार’ लिखकर विरोध

आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेताओं को लेकर सियासत गरमा गई है। पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह के घर के बाहर लोगों ने काले रंग से ‘गद्दार’ लिख दिया। वहीं पार्टी कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

मुख्यमंत्री का तीखा हमला, बताया विश्वासघात
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रेस वार्ता में पार्टी छोड़ने वाले सांसदों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने न सिर्फ पार्टी बल्कि जनता के भरोसे को भी तोड़ा है। उनके मुताबिक, यह कदम सीधा-सीधा विश्वासघात है।

दलबदल के पीछे दबाव और लालच का आरोप
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए दलबदल की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि डर, दबाव और लालच के जरिए दूसरी पार्टियों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है।

केंद्र पर भेदभाव का आरोप
मान ने दावा किया कि जब राज्य में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी, उसके बाद केंद्र सरकार ने विकास से जुड़ी कई योजनाओं में बाधाएं डालीं। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों से जुड़े मुद्दों के बाद से केंद्र और राज्य के बीच दूरी बढ़ी है।

अन्य राज्यों का दिया उदाहरण
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि देश के कई राज्यों में क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने की कोशिश की गई है। उन्होंने ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे और शरद पवार का उदाहरण देते हुए कहा कि अलग-अलग जगहों पर इसी तरह की रणनीति अपनाई गई।

पार्टी छोड़ने वालों पर सीधा निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन नेताओं को बिना संघर्ष बड़े पद मिले, उन्होंने निजी स्वार्थ के लिए पार्टी का साथ छोड़ दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विज्ञान भले आगे बढ़ गया हो, लेकिन अभी तक ऐसी मशीन नहीं बनी जो नेताओं के इरादे पहले ही बता सके।

जनता के साथ होने का दावा
मान ने कहा कि कुछ नेताओं के जाने से पार्टी कमजोर नहीं होती। जनता आज भी उनके साथ खड़ी है और जो लोग विश्वासघात करते हैं, उन्हें इतिहास माफ नहीं करता। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले चुनावों में जनता इसका जवाब देगी।