तुलसी गबार्ड का दावा: पाकिस्तान-चीन अमेरिका के लिए बड़ा परमाणु खतरा

तुलसी गबार्ड ने पाकिस्तान, चीन, रूस और उत्तर कोरिया को अमेरिका के लिए बड़ा परमाणु खतरा बताया। जानिए कैसे बढ़ रही है इन देशों की मिसाइल और सैन्य ताकत।

तुलसी गबार्ड का दावा: पाकिस्तान-चीन अमेरिका के लिए बड़ा परमाणु खतरा
Tulsi Gabbard

अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने दुनिया के कई देशों को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान, चीन, रूस और उत्तर कोरिया जैसे देश अमेरिका के लिए बड़ा परमाणु खतरा बनते जा रहे हैं। उनके मुताबिक ये देश लगातार अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहे हैं और नई क्षमताएं विकसित कर रहे हैं, जिससे आने वाले समय में वैश्विक संतुलन बिगड़ सकता है।

नई मिसाइल तकनीक से बढ़ी चिंता
सीनेट की एक अहम बैठक में बोलते हुए गबार्ड ने बताया कि खुफिया एजेंसियों के पास ऐसे संकेत हैं, जिनसे पता चलता है कि कई देश ऐसी मिसाइल तकनीक पर काम कर रहे हैं जो परमाणु और सामान्य दोनों तरह के हथियार ले जाने में सक्षम है। उन्होंने साफ किया कि इस वजह से अमेरिका सीधे इन देशों की मारक क्षमता के दायरे में आता जा रहा है, जो उसके लिए एक बड़ी रणनीतिक चुनौती है।

उत्तर कोरिया-रूस-चीन की बढ़ती नजदीकी
उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया अब रूस और चीन के साथ अपने संबंधों को और मजबूत कर रहा है, जिससे इन देशों की सामूहिक ताकत और बढ़ सकती है। यह गठजोड़ अमेरिका के लिए भविष्य में और गंभीर खतरा पैदा कर सकता है, क्योंकि तीनों देश मिलकर सैन्य और तकनीकी स्तर पर सहयोग बढ़ा रहे हैं।

ईरान कमजोर, लेकिन खतरा बरकरार
गबार्ड ने अपने बयान में यह भी बताया कि अमेरिका पर हमला करने में सक्षम मिसाइलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने ईरान की स्थिति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि हाल के अमेरिकी सैन्य अभियानों के बाद वहां की सत्ता कमजोर जरूर हुई है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुई। हालांकि, अगर मौजूदा शासन बचा रहता है तो उसे अपनी मिसाइल और ड्रोन ताकत को दोबारा खड़ा करने में लंबा समय लगेगा।

ट्रंप के फैसले पर समर्थन और इस्तीफे से विवाद
इससे पहले गबार्ड ने डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर सैन्य कार्रवाई के फैसले का समर्थन किया था। यह मामला तब और सुर्खियों में आया जब अमेरिका के नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर के प्रमुख जो केंट ने विरोध में इस्तीफा दे दिया। इसे इस पूरे विवाद का पहला बड़ा प्रशासनिक झटका माना गया। गबार्ड ने कहा कि ट्रंप को अमेरिकी जनता ने बहुमत से चुना है और बतौर कमांडर-इन-चीफ उन्हें फैसले लेने का अधिकार है।