India-Russia Relations: पुतिन का भारत दौरा तय, डोभाल ने रूस से दी जानकारी, अमेरिका अलर्ट

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अगस्त के अंत में भारत आ सकते हैं। डोभाल रूस में तैयारियों में जुटे। अमेरिका ने भारत पर टैरिफ वॉर तेज किया।

India-Russia Relations: पुतिन का भारत दौरा तय, डोभाल ने रूस से दी जानकारी, अमेरिका अलर्ट
Vladimir Putin

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) जल्द ही भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। इसकी जानकारी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने गुरुवार को रूस की राजधानी मॉस्को से दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और रूस के बीच संबंध "विशेष और दीर्घकालीन" रहे हैं और इस उच्च स्तरीय यात्रा से दोनों देशों के बीच रणनीतिक रिश्तों को नई दिशा मिलेगी।

इंटरफैक्स एजेंसी का दावा: अगस्त के अंत तक भारत आ सकते हैं पुतिन
हालांकि डोभाल ने पुतिन की यात्रा की तारीख सार्वजनिक नहीं की, लेकिन रूसी न्यूज एजेंसी Interfax के मुताबिक यह दौरा अगस्त के आखिरी हफ्ते में हो सकता है। डोभाल ने कहा, "राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा की खबर सुनकर हम बेहद प्रसन्न हैं। मुझे लगता है कि तारीखें लगभग तय हो चुकी हैं।"

अमेरिका-भारत तनाव के बीच पुतिन का दौरा
पुतिन का यह दौरा ऐसे वक्त पर हो रहा है जब अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ वॉर (Tariff War) अपने चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने भारत पर 50% टैरिफ लगाने के बाद अब 25% अतिरिक्त टैक्स का कार्यकारी आदेश भी पारित कर दिया है, जो गुरुवार से लागू हो गया है।

ट्रंप ने भारत को दी चेतावनी, रूस से तेल खरीदना बना कारण
ट्रंप ने भारत पर यह टैरिफ इसलिए थोपे हैं क्योंकि भारत रूस से तेल खरीद रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि रूस ने यूक्रेन में युद्ध बंद नहीं किया तो अमेरिका रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर Secondary Tariffs लगाएगा। इसमें भारत भी शामिल है।

पुतिन-ट्रंप मुलाकात की तैयारी, क्रेमलिन ने की पुष्टि
क्रेमलिन (Kremlin) ने गुरुवार को पुष्टि की है कि राष्ट्रपति पुतिन जल्द ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात करेंगे। रूस के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने बताया कि दोनों पक्षों ने बैठक के स्थान पर सहमति बना ली है और जल्द ही इसकी तारीख की घोषणा होगी।

डोभाल की यात्रा में ऊर्जा और रक्षा पर चर्चा
एनएसए अजीत डोभाल की मास्को यात्रा केवल पुतिन के दौरे की तैयारियों तक सीमित नहीं है। वे रूस के शीर्ष अधिकारियों के साथ ऊर्जा (Energy) और रक्षा (Defence) जैसे रणनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा कर रहे हैं। साथ ही रूसी कच्चे तेल पर पश्चिमी प्रतिबंध के असर पर भी बातचीत की जा रही है।