पूर्वोत्तर के विकास पर पीएम मोदी का जोर, आतंकवाद और माओवाद पर सख्त रुख

पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार आतंकवाद और अशांति फैलाने वाले माओवादियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पूर्वोत्तर के कई संगठनों के साथ शांति समझौते किए हैं, जिससे 10,000 से अधिक युवाओं ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है।

पूर्वोत्तर के विकास पर पीएम मोदी का जोर, आतंकवाद और माओवाद पर सख्त रुख
PM Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नॉर्थ ईस्ट इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन करते हुए पूर्वोत्तर क्षेत्र में शांति और बुनियादी ढांचे को विकास की आवश्यक शर्त बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले 11 वर्षों में पूर्वोत्तर में शांति बहाली और अवसंरचना विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे यह क्षेत्र अब निवेशकों के लिए तैयार है।

'शांति और विकास के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति'
पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार आतंकवाद और अशांति फैलाने वाले माओवादियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पूर्वोत्तर के कई संगठनों के साथ शांति समझौते किए हैं, जिससे 10,000 से अधिक युवाओं ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है।

युवाओं के लिए अवसरों का निर्माण
प्रधानमंत्री ने युवाओं के विकास को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि उनकी योजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अवसर पैदा करना है।

'बुनियादी ढांचा: विकास की पहली शर्त'
पीएम मोदी ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में पूर्वोत्तर में 11,000 किलोमीटर से अधिक नए राजमार्ग बनाए गए, सैकड़ों किलोमीटर रेल मार्ग विकसित हुए, और हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी हो गई। उन्होंने इसे क्षेत्र के विकास के लिए एक बड़ी सोच का हिस्सा बताया।

निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर
प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र अब निवेशकों के स्वागत के लिए तैयार है। उन्होंने निवेशकों को सलाह दी कि वे उभरते हुए अवसरों का लाभ उठाएं, क्योंकि यह क्षेत्र आने वाले समय में दक्षिण-पूर्व एशिया और प्रशांत क्षेत्र में व्यापार का केंद्र बनेगा।

'अंतरराष्ट्रीय संपर्क परियोजनाओं पर जोर'
पीएम मोदी ने भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग और कोलकाता-कालादान बंदरगाह संपर्क परियोजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं पूर्वोत्तर क्षेत्र को दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों से जोड़ने और व्यापार के नए अवसर पैदा करने में मदद करेंगी।

पूर्वोत्तर की विविधता: क्षेत्र की ताकत
प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र की सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। केंद्र सरकार और राज्यों के सम्मिलित प्रयासों से यहां निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन पूर्वोत्तर के विकास के प्रति उनकी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शांति, अवसंरचना विकास, और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए क्षेत्र को तैयार करने के उनके प्रयासों ने निवेशकों को इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं की ओर आकर्षित किया है।