इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हंगामा: शर्टलेस प्रदर्शन मामले में यूथ कांग्रेस के चार नेता गिरफ्तार
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने यूथ कांग्रेस के चार नेताओं को गिरफ्तार किया। जांच बड़ी साजिश के एंगल से जारी।
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब कुछ युवकों ने अचानक शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह घटना 20 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे भारत मंडपम के एग्जिबिशन हॉल में हुई। अंतरराष्ट्रीय मेहमानों और प्रतिनिधियों से भरे हॉल में अचानक नारेबाजी और हंगामे से माहौल तनावपूर्ण हो गया।
चार मुख्य आरोपी गिरफ्तार, कोर्ट में पेशी की तैयारी
इस मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ये सभी इंडियन यूथ कांग्रेस से जुड़े नेता बताए जा रहे हैं। पुलिस अब इन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है।
उदय भानू से भी पूछताछ, जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानू से पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि प्रदर्शन का आदेश कहां से आया और इसमें कितने लोग शामिल थे।
पुलिस से हाथापाई, एफआईआर में गंभीर धाराएं
दिल्ली पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने न सिर्फ नियम तोड़े, बल्कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की भी की। इसी आधार पर एफआईआर में सार्वजनिक स्थान पर अशोभनीय हरकत, पुलिस के साथ मारपीट और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने जैसी गंभीर धाराएं जोड़ी गई हैं।
पहले से थी पूरी प्लानिंग, QR कोड से मिली एंट्री
जांच में सामने आया है कि आरोपी पूरी तैयारी के साथ समिट में पहुंचे थे। हॉल नंबर 5 में प्रवेश के लिए पहले से QR कोड बनवाया गया था। टी-शर्ट पर छपे स्लोगन स्वेटर के नीचे छुपाकर अंदर ले जाए गए, ताकि शुरुआती जांच में शक न हो।
छाते से लेकर टी-शर्ट तक बदली गई रणनीति
सूत्रों के मुताबिक, शुरुआत में प्रदर्शनकारियों की योजना काले छातों पर स्लोगन वाले स्टिकर लगाकर अंदर जाने की थी। लेकिन गेट पर कड़ी जांच को देखते हुए उन्होंने प्लान बदल दिया और टी-शर्ट पर ही स्लोगन प्रिंट कराए। ये स्टिकर कहां और किसने छापे, इसकी जांच अब भी जारी है।
गिरफ्तार नेताओं की पहचान सार्वजनिक
पुलिस ने जिन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान IYC नेशनल सेक्रेटरी कृष्णा हरि, बिहार स्टेट कोऑर्डिनेटर कुंदन यादव, यूपी स्टेट वाइस प्रेसिडेंट अजय कुमार और नेशनल कोऑर्डिनेटर नरसिम्हा यादव के रूप में हुई है। शुरुआत में 4 से 10 लोगों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन सबूतों के आधार पर चार को मुख्य आरोपी माना गया।
वीडियो फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस से तलाश
भारत मंडपम में लगे कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। अब तक दो दर्जन से ज्यादा वीडियो क्लिप्स जांच के दायरे में हैं। पूछताछ के दौरान कुछ नए नाम भी सामने आए हैं। फरार आरोपियों के फोन बंद बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश टेक्निकल सर्विलांस के जरिए की जा रही है।
बड़ी साजिश के एंगल से जांच
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एसीपी महला ने कहा कि यह घटना अचानक नहीं, बल्कि पूरी तरह से पहले से तय लगती है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह सिर्फ कुछ लोगों की हरकत थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश और व्यापक नेटवर्क शामिल था।
प्रधानमंत्री और ट्रेड डील के खिलाफ नारे
प्रदर्शन के दौरान आरोपियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में टी-शर्ट पर लिखे स्लोगन दिखाए। शर्ट उतारकर नारे लगाए गए, जिससे समिट में शामिल विदेशी प्रतिनिधियों के बीच घबराहट और अव्यवस्था का माहौल बन गया।


आँखें न्यूज़ 24 




