रूस को तेल और ड्रोन चिप्स? ट्रंप की धमकी और यूक्रेन के आरोप पर भारत का तीखा जवाब

यूक्रेन युद्ध के बीच भारत को अमेरिका और यूक्रेन दोनों के सवालों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रंप ने रूस से तेल खरीद पर नाराज़गी जताई, वहीं यूक्रेन ने भारतीय चिप्स वाले ईरानी ड्रोन को लेकर गंभीर आरोप लगाए।

रूस को तेल और ड्रोन चिप्स? ट्रंप की धमकी और यूक्रेन के आरोप पर भारत का तीखा जवाब
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल

यूक्रेन युद्ध को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव भारत पर लगातार बढ़ता जा रहा है। एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने पर नाराज हैं और जुर्माना लगाने की धमकी दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यूक्रेन सरकार ने भी भारत पर एक नया आरोप लगाया है।

यूक्रेन ने दावा किया है कि रूसी सेना जिन ईरानी डिज़ाइन वाले ड्रोन (जैसे Shahed Drone) का इस्तेमाल कर रही है, उनमें भारत निर्मित इलेक्ट्रॉनिक पुर्जों का इस्तेमाल हो रहा है। यूक्रेन ने इस मुद्दे को भारत सरकार और यूरोपीय संघ (EU) के समक्ष औपचारिक रूप से उठाया है।

भारत से तेल खरीद पर ट्रंप की धमकी: चीन पर चुप्पी क्यों?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने आरोप लगाया कि भारत रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदकर उसे खुले बाजार में ऊंचे दामों पर बेचकर मुनाफा कमा रहा है। उन्होंने भारत को चेतावनी देते हुए आर्थिक दंड की बात भी कही।

लेकिन इस बीच चीन, जो रूस से भारत से कई गुना अधिक तेल खरीद रहा है, ट्रंप की आलोचना से बाहर बना हुआ है। इससे कई अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक सवाल उठा रहे हैं कि क्या अमेरिका का रवैया एकतरफा और रणनीतिक रूप से पक्षपाती है?

ड्रोन में भारतीय चिप्स? कंपनियां कानून के दायरे में, लेकिन सवाल गहरे
यूक्रेन द्वारा दिए गए दस्तावेजों के अनुसार, ईरानी Shahed ड्रोन की वोल्टेज रेगुलेटर यूनिट में भारत की कंपनी Vishay Intertechnology द्वारा निर्मित Bridge Rectifier E300359 लगाया गया था।

ड्रोन के सैटेलाइट नेविगेशन जैमर-प्रूफ एंटीना में Aura Semiconductor की बनाई गई PLL-आधारित Signal Generator Chip AU5426A का उपयोग हुआ।

सूत्रों के मुताबिक, ये दोनों कंपनियां भारत के किसी भी निर्यात कानून का उल्लंघन नहीं कर रही हैं, क्योंकि यह तकनीक Dual Use (सिविल और डिफेंस दोनों में इस्तेमाल योग्य) श्रेणी में आती है।

विदेश मंत्रालय का जवाब – ‘नियमों के तहत हो रहा है सबकुछ’
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया, भारत का हर निर्यात अंतरराष्ट्रीय दायित्वों और मजबूत घरेलू कानूनों के अनुरूप होता है। सभी निर्यातों की उचित जांच-पड़ताल की जाती है ताकि कोई कानून का उल्लंघन न हो।