ईरान के एटमी मिशन की उलटी गिनती: मुहर्रम की 10वीं पर खामेनेई का बड़ा खेल?

ईरान का परमाणु मिशन रहस्य बना हुआ है। क्या मुहर्रम की 10वीं पर ईरान परमाणु परीक्षण करेगा? खामेनेई का सीक्रेट प्लान और इजराइल-अमेरिका की चिंता।

ईरान के एटमी मिशन की उलटी गिनती: मुहर्रम की 10वीं पर खामेनेई का बड़ा खेल?
Ayatollah Ali Khamenei

मध्य पूर्व में ईरान और इजराइल के बीच हालिया सीजफायर के बावजूद तनाव की चिंगारी बुझी नहीं है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई लंबे समय से गायब रहने के बाद अब सार्वजनिक रूप से नजर आए हैं। यह ऐसे वक्त पर हुआ जब दुनिया की नजरें ईरान के गुप्त परमाणु कार्यक्रम (Iran Nuclear Program) पर टिकी हैं।

तेहरान के परमाणु मिशन को लेकर न तो अमेरिका की चेतावनियां काम आईं, न इजराइल के धमाके। उल्टा ईरान ने अपने इरादों को और भी सख्त करते हुए IAEA (International Atomic Energy Agency) की टीम को देश से बाहर का रास्ता दिखा दिया। अब कोई इंटरनेशनल एजेंसी ईरान के एटमी मिशन पर निगरानी नहीं रख सकती।

मुहर्रम के दिन परमाणु परीक्षण की तैयारी?
आज यानी रविवार को मुहर्रम की 10वीं (Ashura) है। खबरें हैं कि ईरान इसी मौके पर अपने पहले एटमी टेस्ट की घोषणा कर सकता है। माना जा रहा है कि खामेनेई ने पहले ही इस परीक्षण को हरी झंडी दे दी है। यही वजह है कि अमेरिका और इजराइल की खुफिया एजेंसियों की तमाम कोशिशों के बावजूद ईरान का सीक्रेट ठिकाना और मिशन पर काम करने वाले इंजीनियरों का नेटवर्क अज्ञात बना हुआ है।

खबरों के मुताबिक, खामेनेई खुद गहरे अंडरग्राउंड या संभवत: समुद्र में मौजूद किसी सीक्रेट बेस से मिशन की निगरानी कर रहे हैं। कुछ सूत्रों के मुताबिक, वो हाल ही में ईरान की एक सीक्रेट न्यूक्लियर साइट के मॉनिटर पर नजर आए।

अमेरिका और इजराइल के लिए चुनौती
ईरान ने IAEA की टीम को निकालकर साफ संदेश दे दिया है कि अब कोई समझौता नहीं। अमेरिका भी मान रहा है कि ईरान कहीं और से अपना काम फिर से शुरू कर चुका है। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर हमला हुआ तो वो किसी दायरे में नहीं बंधेगा और दुश्मनों को उनकी ही तबाही के हवाले कर देगा।

इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) और अमेरिकी CIA अब तक ईरान के सीक्रेट ठिकानों का पता लगाने में नाकाम रही हैं। ईरान के सुरंगों के जाल और तकनीकी छल से अमेरिका-इजराइल हैरान हैं।

शियाओं की एकजुटता से ईरान का हौसला बढ़ा
इस पूरे घटनाक्रम में ईरान को शिया बहुल देशों का समर्थन भी मिल रहा है। इराक, अज़रबैजान, लेबनान, बहरीन और यमन अब ईरान के पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं। मुहर्रम के मौके पर शियाओं की एकता और बढ़ गई है। ईरान इस समर्थन से न सिर्फ इजराइल बल्कि अमेरिका को भी खुली चुनौती दे रहा है।

क्या रविवार को ईरान खुद को परमाणु शक्ति घोषित करेगा?
अब सवाल यह है कि क्या ईरान रविवार को खुद को दुनिया के सामने एक Nuclear Power Nation के रूप में पेश कर देगा? खुफिया सूत्रों के मुताबिक, इस बात की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि आज या सोमवार को ईरान बड़ा ऐलान करे और दुनिया के सामने अपनी ताकत का प्रदर्शन कर दे।