प्रयागराज के करछना में हिंसा: 600 पर FIR, 50 गिरफ्तार; तनाव बरकरार. जानिये पूरा मामला

प्रयागराज के करछना में 29 जून 2025 को भड़की हिंसा में 600 पर FIR और 50 गिरफ्तार। जानिए चंद्रशेखर आजाद के हाउस अरेस्ट और ईसौटा गांव में दलित युवक की हत्या के कनेक्शन के बारे में।

प्रयागराज के करछना में हिंसा: 600 पर FIR, 50 गिरफ्तार; तनाव बरकरार. जानिये पूरा मामला

29 जून 2025 को प्रयागराज के करछना में हिंसा भड़क उठी। इस मामले में पुलिस ने अब तक 600 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है और 50 को गिरफ्तार किया है। हिंसा का मुख्य कारण चंद्रशेखर आज़ाद का हाउस अरेस्ट बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, हिंसा साजिश के तहत की गई। उपद्रवियों ने लाठी, डंडे, पत्थर और पेट्रोल भरी बोतलों के साथ हमला किया। सरकारी और प्राइवेट गाड़ियों को जलाया गया, जिससे भारी संपत्ति का नुकसान हुआ। पुलिस का कहना है कि नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से की जाएगी और उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लगाया जाएगा।

ईसौटा गांव में तनाव और देवी शंकर हत्या कांड
करछना के ईसौटा गांव में पहले से ही तनाव था। अप्रैल 2025 में दलित युवक देवी शंकर की हत्या और जलाने की घटना ने माहौल को बिगाड़ दिया था। मामले में नौ आरोपियों (आठ ठाकुर और एक तेली) की गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन देवी शंकर के परिवार को न्याय और मुआवजा नहीं मिला।

परिवार को मुआवजे के रूप में ठाकुर आबादी के बीच दो बिसंवा जमीन दी गई, लेकिन परिवार आवास, पेंशन, बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा के लिए 5 लाख रुपये की मांग कर रहा है।

हाउस अरेस्ट और हिंसा का कनेक्शन
दलित उत्पीड़न की इन घटनाओं के बाद चंद्रशेखर आजाद करछना और कौशांबी के पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे थे। प्रशासन ने उन्हें कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रयागराज सर्किट हाउस में रोक दिया। इसके बाद, उनके समर्थकों ने सड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

भीम आर्मी के प्रदर्शन के दौरान हिंसा
लगभग 5,000 समर्थकों (जिनमें भीम आर्मी के कार्यकर्ता शामिल थे) ने करछना में प्रदर्शन किया। इस दौरान हिंसा भड़क उठी, जिसमें पुलिस और पत्रकार समेत कई लोग घायल हुए। सरकारी और निजी वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया।

पुलिस की कार्रवाई और भविष्य की योजना
पुलिस ने 15 टीमें बनाकर उपद्रवियों की गिरफ्तारी तेज कर दी है। हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।