महाअष्टमी: कन्या पूजन में भूल गए ये चीजें तो अधूरी रह जाएगी पूजा!
महाअष्टमी 2026 पर कन्या पूजन कैसे करें, क्या है सही विधि, जरूरी सामग्री और शुभ मुहूर्त—जानिए पूरी जानकारी आसान भाषा में।
नवरात्रि का पावन पर्व नौ दिनों तक श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है. इस क्रम में अष्टमी तिथि का विशेष महत्व होता है, जिसे दुर्गा अष्टमी या महाअष्टमी के नाम से जाना जाता है. इस दिन माता दुर्गा की उपासना के साथ कन्या पूजन करने की परंपरा है. इस वर्ष चैत्र नवरात्रि की अष्टमी 26 मार्च को पड़ रही है, जबकि नवमी तिथि 27 मार्च को होगी. कई लोग अष्टमी तो कई नवमी के दिन कन्या पूजन करते हैं, लेकिन दोनों ही दिन इसका धार्मिक महत्व समान माना जाता है.
क्यों खास है कन्या पूजन की परंपरा
कन्या पूजन को देवी स्वरूप बालिकाओं की पूजा माना जाता है, इसलिए इसे बहुत श्रद्धा और विधि-विधान से किया जाता है. इस दिन आमतौर पर दो से दस वर्ष की नौ कन्याओं और एक बालक को आमंत्रित किया जाता है. उन्हें सम्मानपूर्वक बैठाकर भोजन कराया जाता है और अंत में उनका आशीर्वाद लिया जाता है. मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है.
पूजन सामग्री पहले से रखें तैयार
कन्या पूजन से पहले जरूरी सामग्री का जुटाना बेहद महत्वपूर्ण होता है. इसके लिए स्वच्छ जल से कन्याओं के पैर धोने की व्यवस्था करनी चाहिए और उन्हें पोंछने के लिए साफ कपड़ा रखना चाहिए. बैठने के लिए आसन, तिलक के लिए रोली और अक्षत, हाथ में बांधने के लिए कलावा और ओढ़ाने के लिए चुनरी भी रखनी चाहिए. इसके अलावा फल और प्रसाद के रूप में हलवा, पूरी और चने का विशेष महत्व होता है.
ऐसे करें सही विधि से कन्या पूजन
पूजन की शुरुआत मां दुर्गा की विधिवत आराधना और हवन से की जाती है. इसके बाद आमंत्रित कन्याओं के पैर धोकर उन्हें आदरपूर्वक आसन पर बैठाया जाता है. फिर कुमकुम और अक्षत से उनका तिलक किया जाता है और हाथ में कलावा बांधा जाता है. इसके बाद आरती कर उन्हें प्रेम से भोजन कराया जाता है. अंत में दक्षिणा देकर उनके चरण स्पर्श किए जाते हैं और आशीर्वाद लिया जाता है.
जानें कन्या पूजन के शुभ मुहूर्त
अष्टमी के दिन कन्या पूजन के लिए शुभ समय का भी विशेष ध्यान रखा जाता है. पंचांग के अनुसार सुबह से दोपहर तक कई शुभ मुहूर्त मिल रहे हैं, जिनमें पूजा करना अत्यंत फलदायी माना गया है. सुबह 6 बजकर 16 मिनट से 7 बजकर 48 मिनट तक पहला शुभ समय है, वहीं 10 बजकर 56 मिनट से दोपहर 2 बजकर 1 मिनट तक दूसरा मुहूर्त रहेगा. इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 2 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट तक रहेगा.


आँखें न्यूज़ 24 




