दुलारचंद यादव मर्डर केस: एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए अनंत सिंह, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए

मोकामा के बाहुबली नेता अनंत सिंह को दुलारचंद यादव मर्डर केस में गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जन सुराज पार्टी समर्थक दुलारचंद यादव की 30 अक्टूबर को संदिग्ध मौत हुई थी। पहले इसे गोली मारकर हत्या कहा गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिल और फेफड़ों पर चोट से हुए सदमे को कारण बताया गया है। अब इस मामले में सियासी और कानूनी दोनों मोर्चों पर हलचल मची है।

दुलारचंद यादव मर्डर केस: एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए अनंत सिंह, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए
Anant Singh

बिहार की सियासत एक बार फिर बाहुबली नेताओं के इर्द-गिर्द घूमने लगी है। रविवार को मोकामा के कुख्यात बाहुबली और पूर्व विधायक अनंत सिंह को एमपी-एमएलए कोर्ट, पटना में पेश किया गया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब आने वाले दिनों तक उनकी रातें बेऊर जेल में कटेंगी।
यह मामला जन सुराज पार्टी के सक्रिय समर्थक दुलारचंद यादव की रहस्यमयी मौत से जुड़ा है, जिनकी 30 अक्टूबर को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हुई थी।

हत्या का आरोप और गिरफ्तारी की पूरी कहानी
घटना के बाद से ही दुलारचंद यादव की मौत पर राजनीति तेज हो गई थी। जन सुराज पार्टी के स्थानीय नेताओं ने अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया था। इसी सिलसिले में शनिवार देर रात पटना पुलिस ने बाढ़ इलाके के कारगिल मार्केट से अनंत सिंह को गिरफ्तार किया।

उनके साथ मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम समेत कई अन्य समर्थक भी पुलिस की गिरफ्त में आए। रविवार को जब उन्हें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट में पेश किया गया, तो अदालत ने उन्हें 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेजने का आदेश दिया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला नया मोड़
शुरुआत में खबरें थीं कि दुलारचंद को गोली मारकर हत्या की गई। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने इस धारणा को हिला दिया। रिपोर्ट के अनुसार, दुलारचंद की मौत हृदय गति रुकने (Cardiac Arrest) के कारण हुई। उनके दिल और फेफड़ों पर किसी कठोर वस्तु से लगी चोट के निशान मिले, जिससे सदमा लगा और उनकी मौत हो गई।

यह रिपोर्ट अब जांच की दिशा बदल सकती है, क्योंकि पहले जिस घटना को सीधी हत्या कहा जा रहा था, उसमें अब “प्राकृतिक मौत बनाम हिंसक झड़प” का विवाद खड़ा हो गया है।

घटना की पृष्ठभूमि: प्रचार के दौरान भिड़ंत
30 अक्टूबर को दुलारचंद यादव जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए प्रचार कर रहे थे। इसी दौरान दोनों राजनीतिक गुटों के समर्थकों में झड़प हो गई।

दुलारचंद के पोते रविरंजन यादव ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि अनंत सिंह के समर्थकों ने पहले गाली-गलौज की, फिर उनके पैर में गोली मारी, और उसके बाद गाड़ी चढ़ा दी। पुलिस ने इसी बयान के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया था।

सियासत में हलचल, जांच जारी
अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद मोकामा से लेकर पटना तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जन सुराज समर्थक न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं अनंत सिंह के समर्थक इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं।

फिलहाल, पटना पुलिस ने जांच को तेज कर दिया है और तकनीकी साक्ष्य के साथ गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इस केस की दिशा तय करेगी कि क्या यह हत्या का मामला है या प्राकृतिक मौत के दौरान हुई राजनीतिक हिंसा।