स्टाइपेंड डबल करने की मांग पर जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, बिहार के मेडिकल कॉलेजों में OPD सेवाएं ठप
बिहार के सभी मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। OPD सेवाएं ठप हो गई हैं और डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं हुई तो इमरजेंसी सेवा भी बंद कर देंगे।
बिहार के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टर मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि वे लंबे समय से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार लगातार अनदेखी कर रही है। हड़ताल की वजह से पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) समेत सभी बड़े अस्पतालों में OPD सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं।
मांग पूरी न होने पर इमरजेंसी भी ठप करने की चेतावनी
प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने साफ कहा है कि अगर सरकार ने उनकी बात नहीं मानी तो वे इमरजेंसी सेवा भी बंद कर देंगे। हालांकि अभी इमरजेंसी सेवाओं को प्रभावित नहीं किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि वे मजबूरी में हड़ताल कर रहे हैं क्योंकि सरकार ने उनकी बार-बार की अपील पर कोई ध्यान नहीं दिया।
20 हजार की जगह 40 हजार स्टाइपेंड की मांग
जूनियर डॉक्टरों ने बताया कि वर्तमान में उन्हें मात्र 20 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड मिलता है जबकि अन्य राज्यों में 40 हजार रुपये तक दिया जाता है। उनका कहना है कि हर तीन साल पर स्टाइपेंड बढ़ाने का नियम है, लेकिन बिहार स्वास्थ्य विभाग इसे लागू नहीं करता। यही कारण है कि अब वे आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।
काला बिल्ला लगाने से लेकर हड़ताल तक का सफर
डॉक्टरों ने बताया कि वे पिछले शनिवार से ही अपनी मांग को लेकर काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी कर रहे थे, लेकिन सरकार ने जब ध्यान नहीं दिया तो उन्हें मजबूर होकर हड़ताल का कदम उठाना पड़ा। उनका कहना है कि इस आंदोलन से मरीजों को दिक्कत होगी लेकिन वे भी लंबे समय से आर्थिक कठिनाइयों से गुजर रहे हैं।
पहले भी मिल चुका है सिर्फ आश्वासन
जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि सरकार उनकी मांग पर कई बार सिर्फ आश्वासन देती रही है। आवेदन भी स्वास्थ्य सचिव और स्वास्थ्य मंत्री तक पहुंचाए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस बार डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि जब तक स्टाइपेंड बढ़ाकर 40 हजार नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल वापस नहीं ली जाएगी।


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