राघोपुर में बेटे तेजस्वी के लिए वोट मांगने पहुंचीं राबड़ी देवी, जनता ने सामने रखीं शिकायतें – बोलीं, 'राघोपुर मेरा घर है'
बिहार की सियासी धरती राघोपुर में इस बार दिलचस्प नज़ारा देखने को मिला। तेजस्वी यादव के लिए वोट मांगने पहुंचीं राबड़ी देवी को जनता ने घेर लिया और तेजस्वी पर नाराज़गी जताई। लोगों ने कहा कि तेजस्वी बाढ़ में मिलने तक नहीं आए। राबड़ी देवी ने जनता को समझाने की कोशिश की और कहा कि राघोपुर उनका घर है और यहां के लोग उनका परिवार हैं। राघोपुर सीट राजद का पारंपरिक गढ़ मानी जाती है, लेकिन इस बार जनता की शिकायतें चुनावी माहौल में नई गर्मी ला रही हैं।
बिहार की सियासत में राघोपुर सीट का अपना अलग ही इतिहास रहा है। यही वह विधानसभा क्षेत्र है, जहां से लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी दोनों ने चुनाव जीतकर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक का सफर तय किया था।
अब उसी राघोपुर की कमान तेजस्वी यादव के हाथ में है, जो इस बार लगातार तीसरी बार यहां से चुनाव मैदान में उतर रहे हैं।
गुरुवार को अपने बेटे के समर्थन में प्रचार करने पहुंचीं राबड़ी देवी ने राघोपुर की गलियों और पंचायतों में जाकर लोगों से “तेजस्वी को वोट देने” की अपील की।
जनता ने रोकी गाड़ी, तेजस्वी पर जताई नाराज़गी
राबड़ी देवी जैसे ही पहाड़पुर पूर्वी पंचायत पहुंचीं, वहां मौजूद लोगों ने उनकी गाड़ी रोक ली। लोगों ने राबड़ी देवी से कहा — तेजस्वी यादव हमारे बीच आते ही नहीं हैं। बाढ़ के समय हम डूबे रहे, लेकिन वो मिलने तक नहीं आए। उस समय तो वो डांस कर रहे थे।
जनता की यह शिकायत सुनकर राबड़ी देवी कुछ पल के लिए चुप रहीं, फिर मुस्कुराते हुए बोलीं — तेजस्वी पूरे बिहार में घूम रहे हैं, राघोपुर को कैसे भूल सकते हैं? लेकिन लोगों ने तुरंत जवाब दिया — कहां घूमते हैं बिहार में, यहां आते तक नहीं!
राबड़ी देवी ने संभाला मोर्चा, कहा – 'राघोपुर मेरा घर है'
जनता की नाराज़गी के बीच राबड़ी देवी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा — राघोपुर को हम सौतेला कैसे मान सकते हैं? राघोपुर तो मेरा घर है, यहां के लोग मेरे परिवार हैं।
राबड़ी देवी ने यह भी जोड़ा कि पूरे बिहार में सबसे प्यारा विधानसभा राघोपुर है। तेजस्वी यादव ने बिहार के हर हिस्से को देखा है और आगे राघोपुर के विकास पर भी काम करेंगे।
उनकी इस भावनात्मक अपील के बावजूद भी कुछ लोगों ने इलाके की समस्याओं पर सवाल उठाए। एक ग्रामीण ने कहा — 10 साल से तेजस्वी हमारे विधायक हैं, लेकिन आज तक सड़क नहीं बनी। हर साल बाढ़ में पानी भर जाता है। जब तक सड़क नहीं बनेगी, वोट कैसे दें?
राबड़ी देवी ने जनता की सारी शिकायतें शांति से सुनी और भरोसा दिलाया कि उनकी बातें तेजस्वी यादव तक जरूर पहुंचेंगी।
तेजस्वी के लिए आसान नहीं राघोपुर का रास्ता
राघोपुर को अक्सर राजद का गढ़ कहा जाता है, लेकिन इस बार माहौल पहले से थोड़ा अलग दिख रहा है। जनता की नाराज़गी और स्थानीय मुद्दों की वजह से तेजस्वी यादव के लिए यहां की लड़ाई उतनी आसान नहीं मानी जा रही। हालांकि, राबड़ी देवी की मौजूदगी ने राजद कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है और वे इसे भावनात्मक कनेक्शन का पल बता रहे हैं।
चुनावी समीकरण में राघोपुर की भूमिका
बिहार की राजनीति में राघोपुर का नाम सिर्फ एक विधानसभा सीट नहीं, बल्कि लालू परिवार की राजनीतिक विरासत के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है।
यहां की हर हलचल का असर सीधे पूरे राज्य के सियासी माहौल पर पड़ता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या राबड़ी देवी की अपील से राघोपुर की जनता फिर से राजद के पक्ष में गोलबंद होती है या इस बार मतदाता कुछ नया संदेश देने की तैयारी में हैं।


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