तेजस्वी यादव का बड़ा ऐलान: महागठबंधन में जल्द जुड़ सकते हैं पशुपति पारस और JMM, NDA को हराने की रणनीति तेज़
तेजस्वी यादव ने बड़ा बयान दिया कि राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (पशुपति पारस गुट) और झारखंड मुक्ति मोर्चा जल्द ही महागठबंधन में शामिल हो सकते हैं। जानिए तेजस्वी का पूरा प्लान और लालू-रामविलास के रिश्तों की याद।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को राज्य की राजनीति में हलचल मचा देने वाला ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP - पशुपति पारस गुट) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) महागठबंधन का हिस्सा बन सकते हैं।
तेजस्वी यादव पटना में पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। यह कार्यक्रम रामविलास पासवान के छोटे भाई और केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस के आवास पर आयोजित हुआ था।
पशुपति पारस की इच्छा, महागठबंधन में आना: तेजस्वी
मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा— पशुपति पारस जी की इच्छा थी कि वह महागठबंधन में आएं। उनके साथ जो प्रकरण हुआ, वह बिहार की जनता जानती है। मैंने यह बात महागठबंधन के सभी सहयोगी दलों के सामने रख दी है। मुझे उम्मीद है कि जल्द इस पर निर्णय की जानकारी दे दी जाएगी।
तेजस्वी ने यह भी कहा कि जो भी लोग एनडीए को हराना चाहते हैं, उनके साथ आने से बेहतर और कुछ नहीं। उन्होंने इसे बिहार को आगे ले जाने की दिशा में एक अहम कदम बताया।
झामुमो से भी बातचीत जारी
तेजस्वी यादव ने झारखंड के हालात का ज़िक्र करते हुए बताया कि वह रांची जाने वाले थे, लेकिन झामुमो संरक्षक शिबू सोरेन की तबीयत खराब होने के कारण मुलाकात नहीं हो पाई। उन्होंने कहा— हेमंत सोरेन जी से मेरी बात हुई थी। झामुमो की भी इच्छा है कि वह महागठबंधन में शामिल हो। जैसे ही सब तय होगा, बता दिया जाएगा।
तेजस्वी ने यह भी कहा कि ज्यादा वक्त बचा नहीं है, इसलिए जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
लालू और पासवान के पुराने रिश्तों को किया याद
इस मौके पर तेजस्वी यादव भावुक भी दिखे। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान हम सबके अभिभावक थे। देश के महान नेता और आम जनता की आवाज़ उठाने वाले एक सशक्त व्यक्तित्व थे। तेजस्वी ने यह भी याद दिलाया कि उनके पिता लालू प्रसाद यादव और रामविलास पासवान के बीच पुराने समय से घनिष्ठ पारिवारिक संबंध रहे हैं।
बिहार की राजनीति में तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद नए समीकरण बनने तय माने जा रहे हैं। महागठबंधन में एनडीए के विरोधियों की गोलबंदी बिहार की राजनीति को आने वाले चुनावों में किस दिशा में ले जाएगी, यह देखने वाली बात होगी।


Aankhen 




