बिहार में बड़ा प्रशासनिक उलटफेर, 13 जिलों के डीएम बदले, कई IAS को मिली दोहरी जिम्मेदारी
बिहार सरकार ने देर रात बड़े पैमाने पर IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया। 13 जिलों के डीएम बदले गए हैं और कई वरिष्ठ अफसरों को दोहरी जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने की तैयारी।
बिहार की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में सोमवार देर शाम उस वक्त हलचल मच गई, जब राज्य सरकार ने एक साथ कई IAS अधिकारियों का तबादला कर दिया। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के तहत न सिर्फ कई विभागों के सचिव और प्रधान सचिव स्तर के अधिकारी बदले गए, बल्कि राज्य के 13 जिलों को नए जिलाधिकारी भी मिले। इस बड़े फेरबदल के बाद कई अफसरों को नई जिम्मेदारियों के साथ अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
13 जिलों में बदली पूरी प्रशासनिक कमान
सरकार की अधिसूचना के अनुसार औरंगाबाद, मधेपुरा, शिवहर, अरवल, कटिहार, सारण, अररिया, शेखपुरा, बक्सर और कैमूर समेत कुल 13 जिलों के डीएम बदले गए हैं। इन सभी जिलों में अब प्रशासनिक कमान नए अधिकारियों के हाथों में होगी। औरंगाबाद के डीएम श्रीकांत शास्त्री को बेगूसराय का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। बेगूसराय जैसे औद्योगिक और प्रशासनिक रूप से अहम जिले में उनके अनुभव का लाभ लेने की रणनीति सरकार की मंशा को दिखाती है।
मैदानी जिलों में मजबूत प्रशासन की तैयारी
मधेपुरा के डीएम तरनजोत सिंह को पश्चिम चंपारण जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब वे वहां के नए जिलाधिकारी होंगे। वहीं शिवहर के डीएम विवेक रंजन को सिवान का नया डीएम बना दिया गया है। इस बदलाव को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अरवल की डीएम अभिलाषा शर्मा को औरंगाबाद जिले की कमान दी गई है, जबकि भवन निर्माण विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में कार्यरत IAS अधिकारी आशुतोष द्विवेदी को कटिहार का नया डीएम नियुक्त किया गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई अहम दोहरी जिम्मेदारी
सिर्फ जिलों में ही नहीं, बल्कि राज्य के कई विभागों में भी बड़े स्तर पर जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है। योजना एवं विकास विभाग के प्रधान सचिव के. सेंथिल कुमार को अब बिहार राज्य अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम का प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल को पथ निर्माण विभाग का सचिव बनाया गया है और अब उन्हें दो विभागों की जिम्मेदारी एक साथ निभानी होगी।
एक अफसर, कई विभाग, बढ़ी प्रशासनिक जिम्मेदारियां
नगर विकास विभाग में सचिव के पद पर तैनात अभय कुमार सिंह को खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग का नया सचिव बनाया गया है। इसके साथ ही वे सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव और बेल्ट्रॉन के निदेशक के अतिरिक्त प्रभार में भी बने रहेंगे। इसी तरह अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के सचिव दिवेश सेहरा को ग्रामीण कार्य विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि वे जांच आयुक्त, खान आयुक्त और खनिज विकास निगम के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे।
शहरी विकास और बुनियादी ढांचे पर सरकार का फोकस
ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव सरवनन एम. को उनके पद से मुक्त कर सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान देने का निर्देश दिया गया है। वहीं पथ निर्माण विभाग के सचिव संदीप कुमार पुटकलकट्टी को नगर विकास विभाग का नया सचिव बनाया गया है। इसके साथ ही वे मेट्रो के प्रबंध निदेशक के अतिरिक्त प्रभार में भी बने रहेंगे। यह फेरबदल बताता है कि सरकार शहरी विकास और बुनियादी ढांचे को लेकर बेहद गंभीर है।
तेज कामकाज और बेहतर शासन की ओर सरकार का कदम
इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को सरकार जिलों और विभागों में कार्यों की रफ्तार तेज करने की रणनीति के रूप में देख रही है। सड़क निर्माण, शहरी विकास, ग्रामीण योजनाएं, खाद्य आपूर्ति व्यवस्था और सामाजिक कल्याण से जुड़े विभागों को नई ऊर्जा देने की कोशिश की जा रही है। अधिसूचना जारी होते ही सभी संबंधित अधिकारियों को नई जगहों पर तत्काल योगदान देने के निर्देश दे दिए गए हैं। अब आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि नए अधिकारी किस तरह प्रशासनिक मशीनरी को नई दिशा देते हैं।


आँखें न्यूज़ 24 




