राबड़ी देवी सरकारी आवास नहीं छोड़ेंगी, RJD का ऐलान—नीतीश सरकार पर राजनीतिक बदले का आरोप
राबड़ी देवी को सरकारी आवास बदलने के आदेश पर RJD ने नीतीश सरकार पर राजनीतिक बदले का आरोप लगाया। पार्टी ने साफ कहा कि 10, सर्कुलर रोड का बंगला खाली नहीं किया जाएगा। जानें पूरा विवाद और दोनों पक्षों की दलीलें।
राजद ने साफ कर दिया है कि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पटना स्थित 10, सर्कुलर रोड वाला सरकारी आवास खाली नहीं करेंगी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने बुधवार को यह बयान दिया। इससे ठीक एक दिन पहले भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को निर्देश जारी कर कहा था कि उन्हें 39, हार्डिंग रोड पर बने उस आवास में शिफ्ट होना चाहिए, जिसे विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष का आधिकारिक आवास घोषित किया गया है। राजद का कहना है कि राबड़ी देवी 20 वर्षों से इस आवास में रह रही हैं और अचानक यह आदेश राजनीतिक मंशा से प्रेरित है।
RJD ने इसे लालू यादव को निशाना बनाने की कार्रवाई बताया
मीडिया से बातचीत में मंगनी लाल मंडल ने कहा कि 10, सर्कुलर रोड बंगला किसी भी हालत में खाली नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सत्तारूढ़ एनडीए की “दुर्भावनापूर्ण राजनीति” का हिस्सा है। उनके अनुसार यह फैसला लालू प्रसाद को निशाना बनाने के उद्देश्य से किया गया है, जबकि यह बंगला मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास 1, अणे मार्ग के ठीक सामने स्थित है।
राजद बोला—दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के आवास की अनदेखी
मंडल के मुताबिक, जिस तरह अचानक दो दशक बाद नया आवास चिह्नित किया गया, वह संदेह पैदा करता है। मंगनी लाल मंडल ने सवाल उठाया कि जब नेता प्रतिपक्ष के लिए सरकारी आवास चिह्नित करना जरूरी था, तो 10, सर्कुलर रोड को ही क्यों नहीं चुना गया? उन्होंने कहा कि इस आवास में रहने वाले लालू प्रसाद और राबड़ी देवी दोनों पहले मुख्यमंत्री रह चुके हैं, इसलिए इस घर का ऐतिहासिक और प्रशासनिक महत्व भी है। राजद के अनुसार यह फैसला पूरे सम्मान और मर्यादा का उल्लंघन है।
सरकार बोली—नियम खत्म, आवास व्यवस्था हमारी अधिकारिक प्रक्रिया
इस विवाद पर राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए मंत्री संतोष कुमार सुमन ने स्पष्ट किया कि राबड़ी देवी को यह आवास उस नियम के तहत दिया गया था, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी आवास आवंटित किया जा सकता था। लेकिन इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक फैसले के बाद यह प्रावधान खत्म करना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार किसी से आवास छीन नहीं रही है, बल्कि आवंटन का अधिकार सरकार के पास है। सुमन ने कहा कि राबड़ी देवी के साथ कोई भेदभाव नहीं हो रहा है।
राजद का दावा—BJP को खुश करने की कोशिश में नीतीश कुमार
इस पूरे घटनाक्रम में RJD ने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार ने यह कदम भाजपा को खुश करने के लिए उठाया है। मंडल के अनुसार, भाजपा के बढ़ते दबाव और गठबंधन की राजनीति के चलते नीतीश कुमार ने अपने गृह विभाग तक की जिम्मेदारी गंवाई, इसलिए अब वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेताओं को खुश करने के लिए लालू प्रसाद पर “निशाना” साध रहे हैं। राजद ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताया है।
RJD ने वोट आंकड़े दिखाकर खुद को मजबूत विपक्ष बताया
मंडल ने चुनावी आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि विपक्ष में होने के बावजूद राजद को हालिया विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन के किसी भी दल से अधिक वोट मिले। निर्वाचन आयोग के अनुसार, राजद को एक करोड़ से ज्यादा वोट मिले, जबकि भाजपा को 90 लाख से भी कम। उन्होंने चेतावनी दी कि राजद को कमतर समझने की गलती न की जाए। राजद ने कहा कि उनकी लोकप्रियता अभी भी एनडीए से अधिक है।
RJD बोली—हम नहीं हारे, सिस्टम हमारे खिलाफ काम कर रहा था
चुनाव में खराब प्रदर्शन के सवाल पर मंडल ने दावा किया कि पार्टी चुनाव नहीं हारी, बल्कि “सिस्टम” उनके खिलाफ काम कर रहा था। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें खुद को हारने वाला नहीं, बल्कि विजेता मानना चाहिए, चाहे इस बार उनकी सीटें 75 से घटकर 25 ही क्यों न रह गई हों। राजद ने इसे चुनावी हार नहीं, बल्कि “तकनीकी हार” बताया।


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