साल 2025 का आखिरी चंद्रग्रहण: कर्क, वृश्चिक और मीन राशि वालों को क्यों रहना होगा सतर्क?
साल 2025 का अंतिम चंद्रग्रहण 7 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा पर लगेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह चंद्रग्रहण कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण है। इन राशियों के लोग मानसिक तनाव, चोट या गलत निर्णय की आशंका से जूझ सकते हैं। जानें इस ग्रहण का खगोलीय और ज्योतिषीय महत्व, संभावित प्रभाव और बचाव के उपाय। चंद्रग्रहण के दिन किन मंत्रों का जाप करें और किस तरह शिव पूजा और दान से इसके नकारात्मक असर को कम किया जा सकता है।
7 सितंबर 2025 को साल का अंतिम चंद्रग्रहण (Lunar Eclipse 2025) लगने जा रहा है। यह दिन भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि के साथ खास बन जाता है। वैज्ञानिक दृष्टि से चंद्रग्रहण एक दुर्लभ खगोलीय घटना है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र में इसे और भी अधिक महत्व दिया जाता है क्योंकि इसका सीधा असर मानव जीवन पर पड़ता है।
किन राशियों पर होगा सबसे बड़ा असर?
ज्योतिषियों के अनुसार इस बार के चंद्रग्रहण का विशेष प्रभाव कर्क (Cancer), वृश्चिक (Scorpio) और मीन (Pisces) राशि वालों पर पड़ेगा। दरअसल ये तीनों राशियां जल तत्व से जुड़ी हैं और चंद्रमा भी जल तत्व प्रधान ग्रह माना जाता है।
चंद्रमा समुद्र में ज्वार-भाटा जैसी घटनाओं का कारण होता है। यह मन और मानसिक स्थिरता का कारक भी है। इसलिए ग्रहण के दौरान जल तत्व वाली राशियों पर इसका नकारात्मक असर ज्यादा देखने को मिलता है।
क्या हो सकते हैं नकारात्मक प्रभाव?
- मानसिक तनाव और बेचैनी बढ़ सकती है।
- अचानक चोट या दुर्घटना की संभावना बन सकती है।
- गलत फैसले लेने का खतरा रहेगा।
- आर्थिक मामलों में नुकसान का डर रहेगा।
ज्योतिषाचार्य सलाह देते हैं कि इस दिन इन तीनों राशियों के जातक सतर्क रहें और बड़े फैसलों से बचें।
चंद्रग्रहण के दिन क्या न करें?
- लंबी यात्राओं से बचें।
- नए काम की शुरुआत न करें।
- धन से जुड़े बड़े फैसले न लें।
- अगर यात्रा जरूरी हो तो भगवान शिव की पूजा करके घर से निकलें।
ग्रहण के अशुभ प्रभाव को दूर करने के उपाय
- मंत्र जाप: चंद्रमा और भगवान शिव से जुड़े मंत्रों का जाप करें।
- दान: जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या चांदी का दान करें।
- पूजा-पाठ: घर में शांत वातावरण बनाकर भगवान शिव की आराधना करें।
चंद्रग्रहण पर करने योग्य मंत्र जाप
- ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः।
- ॐ ऐं क्लीं सोमाय नमः।
- ॐ सोमाय नमः।
- ॐ नमः शिवाय।
- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
- ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्।
इन मंत्रों का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है और ग्रहण का नकारात्मक असर कम होता है।


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