दिल्ली की हवा ‘जहर’ बन चुकी है: AQI 400 पार, सांस लेना हुआ मुश्किल — सर्दी शुरू और स्मॉग का कहर तेज

दिल्ली में हवा एक बार फिर बेहद जहरीली हो गई है। सुबह का AQI 400 पार जाकर ‘सीवियर’ कैटेगरी में पहुंच चुका है। ग्रेटर नोएडा का AQI 452 दर्ज हुआ। जानें क्यों बिगड़ी हवा, AQI का मतलब क्या है और किन सावधानियों से आप खुद और परिवार की सेहत बचा सकते हैं।

दिल्ली की हवा ‘जहर’ बन चुकी है: AQI 400 पार, सांस लेना हुआ मुश्किल — सर्दी शुरू और स्मॉग का कहर तेज
Delhi AQI Photo

राजधानी दिल्ली में हवा एक बार फिर बेहद जहरीले स्तर पर पहुंच चुकी है। सुबह के समय शहर पर इतनी घनी स्मॉग की परत छाई है कि कुछ सौ मीटर आगे तक देख पाना भी मुश्किल हो गया है। सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली का AQI 400 के पार चला गया है, जो सीधे-सीधे ‘Severe’ श्रेणी में आता है। यह वह स्तर है जहां स्वस्थ व्यक्ति भी खांसी, सांस फूलना और आंखों में जलन जैसी शिकायतों से नहीं बच पाते।

उत्तर भारत का दम घुटा — ग्रेटर नोएडा, हरियाणा और यूपी के शहर सबसे ज्यादा प्रदूषित
सर्दी की दस्तक के साथ ही उत्तर भारत की हवा फिर से जहरीली हो गई है। 19 नवंबर की सुबह भारत के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में यूपी और हरियाणा के शहर सबसे आगे रहे।
ग्रेटर नोएडा का AQI 452 — 'सीवियर' कैटेगरी
दिल्ली का AQI 400+ — बहुत गंभीर स्थिति
NCR के अन्य शहरों में हालत इससे भी खराब

यह स्तर फेफड़ों, हृदय और दिमाग पर सीधा असर डाल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार अस्थमा, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है।

AQI आखिर बताता क्या है? यहां समझें हर स्तर का खतरा
AQI यानी Air Quality Index, हवा में मौजूद प्रदूषक तत्वों की मात्रा बताता है।
0-50: Good – किसी को परेशानी नहीं
51-100: Satisfactory – संवेदनशील लोगों को हल्की दिक्कत
101-200: Moderate – दिल/फेफड़े के मरीजों को समस्या
201-300: Poor – अधिकतर लोगों को सांस संबंधी परेशानी
301-400: Very Poor – सांस की बीमारियां बढ़ सकती हैं
401-500: Severe – स्वस्थ लोग भी बीमार पड़ सकते हैं, मरीजों का हाल बिगड़ सकता है

इस समय दिल्ली-NCR इसी खतरनाक दायरे में फंसा हुआ है।

खेती की आग से लेकर मौसम तक — क्यों बिगड़ रही है हवा?
सैटेलाइट डाटा के अनुसार हाल ही में पंजाब में 95, हरियाणा में 47, उत्तर प्रदेश में 461 फार्म फायरिंग (पराली जलाने) की घटनाएं दर्ज की गई हैं।

इसके साथ ठंडी हवा का ठहराव, धीमी हवाएं और वाहन/उद्योगों का धुआं मिलकर दिल्ली-NCR की हवा को और जहरीला बना रहे हैं। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की चेतावनी के अनुसार अगले 6 दिनों तक AQI ‘बहुत खराब’ रहने की आशंका है।

AIIMS एक्सपर्ट की चेतावनी — “यह अब सांस की नहीं, जान की लड़ाई है”
AIIMS के पल्मोनरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अनंत मोहन के मुताबिक दिल्ली का प्रदूषण पिछले कई सालों से गंभीर स्तर पर बना हुआ है। उन्होंने कहा, स्थिति जानलेवा होती जा रही है। सिर्फ फेफड़े नहीं, हृदय और अन्य अंग भी प्रभावित हो रहे हैं। इमरजेंसी में मरीजों की संख्या बढ़ी है, कई लोगों को वेंटिलेटर तक पर रखना पड़ा। इसे पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी की तरह लिया जाना चाहिए।

खुद को कैसे बचाएं? हेल्थ एक्सपर्ट की जरूरी सलाह
N95 या KN95 मास्क पहनें
सुबह-शाम बाहर टहलने/दौड़ने से बचें
खिड़कियां बंद रखें, एयर प्यूरीफायर/फिल्टर का उपयोग करें
गुनगुना पानी पिएं, स्टीम लें
बच्चों-बुजुर्गों को बाहर भेजने से बचें