Gold-Silver Price Crash: दिवाली पर टूटी चमक, 17 हजार रुपए गिरी चांदी, सोना भी नीचे फिसला

दिवाली 2025 पर सोना-चांदी के दामों में बड़ी गिरावट। चांदी 17,000 रुपए टूटी और ग्लोबल मार्केट में 7% फिसली। जानिए क्या हैं इस गिरावट की वजह और आगे का रुझान।

Gold-Silver Price Crash: दिवाली पर टूटी चमक, 17 हजार रुपए गिरी चांदी, सोना भी नीचे फिसला

दिवाली के मौके पर सोमवार को देश के वायदा बाजार में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में उतार-चढ़ाव का दौर देखने को मिला। सुबह के सत्र में जहां दोनों धातुएं मजबूती के साथ ट्रेड कर रही थीं, वहीं दोपहर तक कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। खासकर चांदी के दामों में जबरदस्त करेक्शन देखने को मिला, जिसने निवेशकों को चौंका दिया।

चांदी में 17 हजार की गिरावट, टूटा रिकॉर्ड
शुक्रवार को चांदी ने MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर 1,70,415 रुपए प्रति किलोग्राम का लाइफटाइम हाई बनाया था। लेकिन सोमवार यानी दिवाली के दिन यह चमक फीकी पड़ गई। चांदी की कीमतें फिसलकर 1,53,131 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गईं। इसका मतलब है कि कुछ ही दिनों में चांदी करीब 17,284 रुपए टूट गई, यानी 10% से ज्यादा की गिरावट।

वैसे आज सुबह चांदी ने शुक्रवार के क्लोजिंग प्राइस से 3,271 रुपए की बढ़त के साथ शुरुआत की थी, लेकिन दोपहर 1:10 बजे तक यह 1,107 रुपए टूटकर 1,55,497 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

ग्लोबल मार्केट में भी गिरी चमक
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी के दामों में भारी गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को जहां यह 54 डॉलर प्रति औंस के लाइफटाइम हाई पर थी, वहीं अब यह 50 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है — यानी करीब 7% की गिरावट।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव में नरमी के चलते आई है। दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माना कि चीन पर लगाए गए 100% अतिरिक्त टैरिफ टिकाऊ नहीं थे, जिससे बाजार में राहत की भावना आई और सुरक्षित निवेश के रूप में चांदी की मांग घट गई।

इंडस्ट्रीयल डिमांड और सप्लाई क्राइसिस का असर
विश्लेषकों के अनुसार, चांदी की कीमतों में हालिया उछाल का मुख्य कारण इंडस्ट्रीयल डिमांड में बढ़ोतरी और सप्लाई की कमी था। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और ऑटोमोबाइल सेक्टर में चांदी की खपत लगातार बढ़ रही है। वहीं उत्पादन सीमित रहने से आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है।

लेकिन जब से ग्लोबल तनाव में कमी आई है, निवेशक मुनाफावसूली (Profit Booking) करने लगे हैं, जिससे कीमतों में गिरावट देखी जा रही है।

सोने में भी उतार-चढ़ाव
सोने के बाजार में भी सोमवार को हलचल रही। सुबह के सत्र में सोने के भाव में 1,548 रुपए की तेजी आई और यह 1,28,556 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। लेकिन दोपहर तक कीमतों में गिरावट आ गई और यह दिन के उच्च स्तर से 1,901 रुपए टूटकर 1,26,655 रुपए तक नीचे गया।

हालांकि इसके बाद बाजार में फिर हल्की रिकवरी आई और मौजूदा समय में सोना 1,27,700 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है, यानी करीब 742 रुपए की तेजी।

विशेषज्ञों की राय: चांदी का भविष्य अभी भी उज्ज्वल
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुसार, चांदी के बाजार में अभी भी लंबी अवधि की तेजी का दौर बाकी है। फर्म के विश्लेषण में कहा गया है कि वर्तमान रैली किसी सट्टा तेजी (Speculative Rally) से अलग है और यह एक संरचनात्मक पुनर्मूल्यांकन (Structural Revaluation) का संकेत देती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, चांदी की कीमतें सोने के मुकाबले 1.7 गुना तेजी से मूव कर रही हैं, जिससे यह साफ है कि इस बार की तेजी 1980 या 2011 जैसी नहीं है — बल्कि ज्यादा मजबूत और टिकाऊ है।

इंडस्ट्रीयल डिमांड बेस में लगातार मजबूती बनी हुई है और सप्लाई बाधाओं (Supply Constraints) के कारण कीमतों में आगे भी सुधार देखने को मिल सकता है।