Atal Canteen Delhi: अटल जी की जयंती पर दिल्ली में 5 रुपये की थाली, 100 अटल कैंटीन का सपना जमीन पर उतरा

Atal Canteen Delhi योजना के तहत अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर दिल्ली में 5 रुपये की थाली की शुरुआत। पहले चरण में 45 कैंटीन शुरू, जानिए पूरा मेन्यू, सब्सिडी और सरकार की योजना।

Atal Canteen Delhi: अटल जी की जयंती पर दिल्ली में 5 रुपये की थाली, 100 अटल कैंटीन का सपना जमीन पर उतरा

पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई की 25 दिसंबर को 101वीं जयंती के अवसर पर दिल्ली सरकार ने उनके विचारों को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। “कोई भी भूखा न सोए” के अटल संकल्प को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली में अटल कैंटीन योजना की शुरुआत की गई। पहले चरण में 45 अटल कैंटीन शुरू कर दी गई हैं और आने वाले समय में शेष 55 कैंटीन भी शुरू होंगी। इस ऐतिहासिक पहल का शुभारंभ लाजपत नगर में दिल्ली की पहली अटल कैंटीन से हुआ।

लाजपत नगर में आयोजित उद्घाटन समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और शहरी विकास मंत्री आशीष सूद मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई जी का सपना था कि देश में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे। उसी भावना के साथ उनकी जयंती पर अटल कैंटीन की शुरुआत की गई है। यह योजना भारतीय जनता पार्टी के चुनावी मैनिफेस्टो का भी अहम हिस्सा रही है, जिसे अब धरातल पर उतारा जा रहा है।

पहले चरण में 45 कैंटीन, जल्द शुरू होंगी बाकी 55
सरकार के अनुसार फिलहाल 45 अटल कैंटीन शुरू की गई हैं। कुछ तकनीकी और प्रशासनिक पाबंदियों के कारण शेष 55 कैंटीन एक साथ शुरू नहीं हो सकीं, लेकिन उन्हें भी जल्द ही आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि 100 अटल कैंटीन खोलने का लक्ष्य तय समय में पूरा किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक यह योजना पहुंच सके।

5 रुपये की थाली में क्या मिलेगा, जानिए पूरा मेन्यू
अटल कैंटीन का संचालन करने वाली एजेंसी सनराज के डायरेक्टर आलोक तिवारी ने बताया कि 5 रुपये की थाली में भरपेट और संतुलित भोजन मिलेगा। इस थाली में 100 ग्राम दाल, 100 ग्राम मौसमी सब्जी, 100 ग्राम चावल, अचार और 6 रोटियां शामिल होंगी, जिनका कुल वजन लगभग 300 ग्राम होगा। हर कैंटीन में रोजाना 500 लोगों को दोपहर का भोजन और 500 लोगों को रात का खाना दिया जाएगा। मांग बढ़ने पर भविष्य में इस संख्या को और बढ़ाया जा सकता है।

30 रुपये लागत, 25 रुपये सरकार देगी सब्सिडी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि एक थाली की कुल लागत करीब 30 रुपये आती है। इसमें से लाभार्थी को सिर्फ 5 रुपये देने होंगे, जबकि शेष 25 रुपये दिल्ली सरकार सब्सिडी के रूप में वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती तो पूरी राशि खुद दे सकती थी, लेकिन 5 रुपये लेकर लोगों को सम्मान के साथ भोजन उपलब्ध कराना ही इस योजना की मूल भावना है।

अटल जी के विचारों को समर्पित योजना: मुख्यमंत्री
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अटल बिहारी वाजपेई के व्यक्तित्व और योगदान को याद करते हुए कहा कि 100 साल पहले जन्मे उस युगपुरुष ने देश को सुशासन का रास्ता दिखाया। उन्होंने कहा कि अटल कैंटीन अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष पर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। इस योजना से मजदूरों, झुग्गीवासियों और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक तरीके से सस्ता भोजन मिलेगा।

मेट्रो से लेकर झुग्गियों तक, विकास का जिक्र
मुख्यमंत्री ने दिल्ली मेट्रो का जिक्र करते हुए कहा कि 24 दिसंबर 2002 को अटल बिहारी वाजपेई ने मेट्रो को हरी झंडी दिखाई थी। आज दिल्ली में 394 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क है, जिससे रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं। उन्होंने बताया कि फेज-5 को भी मंजूरी दी जा चुकी है और मेट्रो के विस्तार के लिए दिल्ली सरकार 5 हजार करोड़ रुपये देगी। इसके साथ ही झुग्गियों के विकास के लिए इस साल 700 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

दिल्ली को स्मार्ट नहीं, सेंसिटिव सिटी बनाने का दावा
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली अब स्मार्ट सिटी से सेंसिटिव सिटी की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अटल जी का शासन सत्ता का नहीं, संवेदना का प्रतीक था। अटल कैंटीन उसी संवेदना का विस्तार है, जहां गरीब और जरूरतमंद लोग स्वाभिमान के साथ 5 रुपये में भोजन कर सकेंगे।

यह दया नहीं, स्वाभिमान की सरकार है: आशीष सूद
आशीष सूद ने कहा कि यह कोई दया की सरकार नहीं, बल्कि स्वाभिमान की सरकार है। लोगों को अपने पैसे से, सम्मान के साथ भोजन करने का अधिकार दिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अटल कैंटीन भाजपा के चुनावी वादों में शामिल थी और इसे रिकॉर्ड समय में लागू किया गया है। झुग्गी बस्तियों और अनधिकृत कॉलोनियों में शौचालय, स्नानगृह और बुनियादी सुविधाओं के लिए भी सरकार ने ठोस बजट और स्पष्ट दिशा तय की है।