मनीषा डेथ मिस्ट्री: एम्स रिपोर्ट में भी जहर से मौत की पुष्टि, परिजन बोले- ये हत्या है, अब CBI करेगी जांच

हरियाणा की मनीषा डेथ मिस्ट्री में एम्स की रिपोर्ट भी सामने आ गई है। रिपोर्ट में जहर खाने से मौत बताई गई, लेकिन परिजन अब भी हत्या का दावा कर रहे हैं। सरकार ने केस की जांच CBI को सौंप दी है।

मनीषा डेथ मिस्ट्री: एम्स रिपोर्ट में भी जहर से मौत की पुष्टि, परिजन बोले- ये हत्या है, अब CBI करेगी जांच
मनीषा (File Photo)

हरियाणा की चर्चित मनीषा डेथ मिस्ट्री में अब दिल्ली एम्स (AIIMS) की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सामने आ गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि 18 वर्षीय लेडी टीचर मनीषा की मौत जहर खाने से हुई। यह वही निष्कर्ष है जो पहले भिवानी अस्पताल और PGI रोहतक की रिपोर्ट में आया था।

लेकिन मनीषा का परिवार अब भी इसे हत्या बता रहा है और लगातार इंसाफ की मांग कर रहा है। मामला इतना तूल पकड़ गया कि पूरे हरियाणा में कैंडल मार्च और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। अब सरकार ने केस की जांच CBI को सौंपने का ऐलान किया है।

11 अगस्त को लापता, 13 अगस्त को बरामद हुआ शव
भिवानी की रहने वाली मनीषा 11 अगस्त को लापता हो गई थी। दो दिन बाद 13 अगस्त को उसका शव लोहारू के सिंघानी गांव की नहर के पास खेत में लहूलुहान हालत में मिला। उसके गले पर गहरे घाव थे और शरीर को जानवरों ने नोच लिया था। पुलिस को शव के पास एक सुसाइड नोट भी मिला था।

पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया कि मनीषा ने कीटनाशक निगला था। शरीर पर आए घाव जानवरों के काटने से बने। इसके बाद भी परिवार का कहना था कि यह हत्या है।

PGI रोहतक रिपोर्ट और एम्स की पुष्टि
परिजनों के दबाव पर मामला PGI रोहतक भेजा गया। वहां की रिपोर्ट में भी यही सामने आया कि जहर खाने से मौत हुई और रेप की घटना नहीं हुई। डॉक्टरों के अनुसार—
घुटनों पर हल्के निशान थे।
गर्दन पर जानवरों के काटने से चोटें आई थीं।
तेजधार हथियार से हमला नहीं हुआ था।

अब AIIMS दिल्ली की रिपोर्ट ने भी यही निष्कर्ष दिया है।

पुलिस-प्रशासन पर कार्रवाई और सस्पेंशन
मामले में लापरवाही के आरोपों के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाए। CM नायब सैनी ने 15 अगस्त को भिवानी एसपी मनबीर सिंह को हटा दिया और लौहारू पुलिस चौकी के एसएचओ समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग की एंट्री
इस केस ने और सनसनी तब मचाई जब कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया। उसके साथी गोल्डी ढिल्लो ने सोशल मीडिया पर धमकी दी, मनीषा की हत्या हुई है। अगर पुलिस और सरकार इंसाफ नहीं दिलाएगी तो हम खुद इंसाफ दिलाएंगे, चाहे सामने कोई भी पावरफुल शख्स क्यों न हो। इस धमकी से मामला और भी पेचीदा हो गया।

CBI जांच का ऐलान और धरना खत्म
लगातार विरोध प्रदर्शनों और परिजनों की मांग पर CM नायब सैनी ने सोशल मीडिया (X) पर घोषणा की कि मनीषा केस की जांच अब CBI करेगी। परिवार को पूरा न्याय दिलाया जाएगा। इस ऐलान के बाद परिवार और ग्रामीणों ने धरना खत्म कर दिया।

अंतिम संस्कार की तैयारी, गांव में सुरक्षा कड़ी
8 दिन बाद 21 अगस्त को मनीषा का अंतिम संस्कार उसके गांव ढाणी लक्ष्मण में होगा। शव को भिवानी अस्पताल से घर लाया जाएगा। घर में अंतिम रस्में होंगी और फिर श्मशान घाट पर विदाई दी जाएगी। पूरे गांव में RAF और पुलिस बल तैनात किया गया है। हिंसक झड़पों को रोकने के लिए 19 से 21 अगस्त तक इंटरनेट बंद कर दिया गया है।

मनीषा केस क्यों है खास?
- तीन-तीन पोस्टमार्टम रिपोर्ट्स आईं, सभी में जहर खाने से मौत बताई गई।
- परिजन मानने को तैयार नहीं, हत्या का दावा करते रहे।
- गैंगस्टर लॉरेंस गैंग ने एंट्री लेकर सरकार पर दबाव बढ़ा दिया।
- अब CBI जांच से साफ होगा कि यह सुसाइड था या मर्डर मिस्ट्री।