Iran Crisis: खामेनेई के अंतिम संस्कार पर 50 दिन बाद भी सस्पेंस, युद्ध के डर से फैसला टल रहा?
Iran में Ayatollah Ali Khamenei के अंतिम संस्कार को लेकर 50 दिन बाद भी सस्पेंस बना हुआ है। US-Israel tension और ceasefire के बीच बड़ा फैसला टलता दिख रहा है।
ईरान में एक बड़ी राजनीतिक और धार्मिक अनिश्चितता बनी हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई के कथित निधन के करीब 50 दिन बीत जाने के बाद भी उनके अंतिम संस्कार को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
युद्ध और Ceasefire के बीच फंसा फैसला
बताया जा रहा है कि अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़े तनाव और हालिया संघर्ष के कारण ईरान सरकार बड़े स्तर पर अंतिम संस्कार आयोजित करने से हिचक रही है। फिलहाल स्थिति ceasefire के बीच अटकी हुई है, जिससे फैसले में देरी हो रही है।
“सरकार डरी हुई और कमजोर” – एक्सपर्ट का दावा
Foundation for Defense of Democracies के विश्लेषक बेहनाम तालेब्लू के हवाले से कहा गया है कि ईरान इस समय बड़े सार्वजनिक आयोजन की स्थिति में नहीं है। उनके अनुसार, सरकार को डर है कि बड़े आयोजन के दौरान हालात बिगड़ सकते हैं।
दफन स्थल पर भी असमंजस
रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि तेहरान अब तक यह तय नहीं कर पाया है कि खामेनेई को कहां दफनाया जाएगा। कुछ रिपोर्ट्स में उत्तर-पूर्वी शहर मशहद का नाम सामने आया है, जो उनका गृह क्षेत्र माना जाता है।
1989 जैसा नजारा अब नहीं?
1989 में अयातुल्ला रूहोल्लाह खोमेनेई के अंतिम संस्कार में लाखों लोग सड़कों पर उमड़े थे। लेकिन मौजूदा हालात में वैसा जनसमूह जुटाना ईरान के लिए चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
इंटरनेट ब्लैकआउट और सुरक्षा चिंता
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में इंटरनेट प्रतिबंध और सुरक्षा कारणों से भी सरकार दबाव में है। इससे अंतिम संस्कार जैसे बड़े आयोजन को लेकर और ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है।
US-Iran Tension अभी भी जारी
इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो संघर्ष फिर बढ़ सकता है। वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने देश के न्यूक्लियर अधिकारों पर सख्त रुख अपनाया है।


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