जयपुर में मौत का डंपर: 5 km तक सड़क पर चला तांडव, 14 की मौत – दहला देगा आंखों देखा मंजर

जयपुर के हरमाड़ा थाना क्षेत्र में एक बेकाबू डंपर ने सोमवार को मौत का तांडव मचा दिया। नशे में धुत ड्राइवर ने पांच किलोमीटर तक कई गाड़ियों को कुचल दिया। हादसे में 14 की मौत और 40 से ज़्यादा घायल। पढ़िए आंखों देखा खौफनाक मंजर।

जयपुर में मौत का डंपर: 5 km तक सड़क पर चला तांडव, 14 की मौत – दहला देगा आंखों देखा मंजर

राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार दोपहर ऐसा हादसा हुआ, जिसने पूरे शहर को झकझोर दिया। हरमाड़ा थाना इलाके के लोहामंडी रोड पर एक डंपर ने पांच किलोमीटर तक जो तांडव मचाया, उसने कई परिवारों को तबाह कर दिया।

चश्मदीदों के मुताबिक, डंपर चालक पूरी तरह शराब के नशे में था। उसने सड़क पर जो भी देखा, उसे बेरहमी से रौंद दिया। जयपुर कलेक्टर के अनुसार, इस भीषण हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 40 से अधिक लोग घायल हैं।

कैसे हुआ हादसा: एक-एक कर गाड़ियां चपेट में आईं
हादसा तब शुरू हुआ जब डंपर ने पहले एक कार को टक्कर मारी। इसके बाद वह रुका नहीं, बल्कि लगातार चार और गाड़ियों को टक्कर मारता चला गया।

करीब पांच किलोमीटर लंबा यह खौफनाक सफर, कई लोगों के लिए आखिरी साबित हुआ। मौके पर ही दस लोगों की जान चली गई। घायल लोगों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

चश्मदीदों की दास्तान: जो सामने आया, वो बच नहीं सका
घटनास्थल पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, डंपर के सामने जो आया, वो बच नहीं सका। लोग भाग रहे थे, बच्चे चीख रहे थे, लेकिन ड्राइवर रुकने का नाम नहीं ले रहा था।

कई चश्मदीदों का कहना था कि ड्राइवर का संतुलन पूरी तरह बिगड़ा हुआ था। वह बार-बार हॉर्न बजा रहा था लेकिन रुकने की कोई कोशिश नहीं की। कुछ ही पलों में सड़क पर चीख-पुकार मच गई।

घायल अस्पताल में, घरों में मातम का सन्नाटा
जब डंपर आखिरकार रुका, तब तक सड़क पर टूटी-फूटी गाड़ियां, खून से सनी सड़कें और घायल लोग पड़े थे। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को सूचना दी। जयपुर के कई अस्पतालों में घायल जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया, उनके घरों में मातम का माहौल है।

पुलिस जांच और जनता का आक्रोश
पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया और डंपर चालक को हिरासत में ले लिया। शुरुआती जांच में यह पुष्टि हुई कि चालक शराब के नशे में था। हादसे के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कुछ स्थानीय नागरिकों ने सड़क पर धरना भी दिया और कहा कि यह प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है।

‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ पर सवाल: कब सख्त होगा कानून?
भारत में हर साल शराब पीकर गाड़ी चलाने की वजह से सैकड़ों लोग अपनी जान गंवाते हैं। इसके बावजूद ड्राइवरों में लापरवाही खत्म नहीं हो रही। विशेषज्ञों के अनुसार, नशे की हालत में व्यक्ति का दिमाग, संतुलन और प्रतिक्रिया क्षमता कमजोर हो जाती है। जब वही व्यक्ति भारी वाहन लेकर सड़क पर उतरता है, तो वह “चलता-फिरता खतरा” बन जाता है।