12,000 करोड़ PNB Scam केस में आरोपी मेहुल चोकसी की भारत वापसी तेज़, बेल्जियम कोर्ट को मिली आर्थर रोड जेल की रिपोर्ट

भारत ने बेल्जियम कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि मेहुल चौकसी को आर्थर रोड जेल में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सुविधाएं मिलेंगी। PNB Scam के आरोपी को रोज़ाना भोजन, मेडिकल और स्वच्छता की पूरी व्यवस्था मिलेगी।

12,000 करोड़ PNB Scam केस में आरोपी मेहुल चोकसी की भारत वापसी तेज़, बेल्जियम कोर्ट को मिली आर्थर रोड जेल की रिपोर्ट
मेहुल चोकसी

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के 12,000 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपी और भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चौकसी को भारत लाने की प्रक्रिया तेज़ हो गई है। 66 वर्षीय चौकसी को इस साल अप्रैल में बेल्जियम के एंटवर्प से गिरफ्तार किया गया था। अब भारत सरकार ने बेल्जियम की अदालत को आश्वासन दिया है कि उनकी हिरासत अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के अनुरूप होगी।

आर्थर रोड जेल में रखे जाएंगे चौकसी
गृह मंत्रालय ने अदालत को जानकारी दी कि चौकसी को मुंबई की आर्थर रोड जेल के बैरक नंबर 12 में रखा जाएगा। यहां उन्हें मोटे कॉटन गद्दे, तकिए, चादर और कंबल जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। यदि स्वास्थ्य कारणों से जरूरत पड़ी तो धातु या लकड़ी का बिस्तर भी दिया जाएगा।

भोजन और डाइट की व्यवस्था
भारत ने बताया कि चौकसी को रोज़ाना तीन बार भोजन दिया जाएगा। यदि उन्हें विशेष डाइट की आवश्यकता होगी तो डॉक्टर की मंजूरी के बाद उसका भी इंतज़ाम होगा। जेल कैंटीन में फल और स्नैक्स भी उपलब्ध रहेंगे।

मेडिकल सुविधाएं मजबूत
चौकसी के वकीलों का कहना है कि उन्हें गंभीर बीमारियां हैं, जिनमें कैंसर भी शामिल है। इसी कारण भारत ने कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि आर्थर रोड जेल में पर्याप्त मेडिकल सुविधाएं मौजूद हैं। जेल अस्पताल में छह मेडिकल अधिकारी, नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट और 20 बेड वाला पूरा सेटअप है। यदि जरूरत पड़ी तो उन्हें नजदीकी सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों से भी इलाज दिलाया जाएगा।

शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए सुविधाएं
कैदियों को रोजाना खुली जगह पर व्यायाम का समय मिलता है। इसके अलावा योग, ध्यान, इनडोर गेम, बैडमिंटन और लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं। इससे कैदियों का मानसिक संतुलन और शारीरिक फिटनेस बनी रहती है।

प्रत्यर्पण प्रक्रिया में जेल की स्थिति अहम
भारत ने बेल्जियम कोर्ट को बताया कि चौकसी की हिरासत में किसी भी प्रकार का मानवाधिकार उल्लंघन नहीं होगा। हाल ही में विदेशी अधिकारियों ने दिल्ली की तिहाड़ जेल का भी निरीक्षण किया था। ब्रिटिश अधिकारियों ने भी कैदियों की सुरक्षा और जेल की स्थिति पर रिपोर्ट तैयार की थी।

गौरतलब है कि ब्रिटिश अदालतें कई बार भारत की जेल स्थितियों का हवाला देकर प्रत्यर्पण को खारिज कर चुकी हैं। इसी वजह से इस बार भारत ने बेल्जियम कोर्ट को डिटेल में जेल सुविधाओं की जानकारी दी है।