Nepal Gen-Z Revolution: सोशल मीडिया बैन के खिलाफ काठमांडू की सड़कों पर गूंजा युवा विद्रोह, कर्फ्यू लागू

नेपाल की राजधानी काठमांडू में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ हजारों युवा सड़कों पर उतर आए। संसद भवन तक पहुंचे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। कर्फ्यू लागू, इंटरनेट सेवाएं बाधित।

Nepal Gen-Z Revolution: सोशल मीडिया बैन के खिलाफ काठमांडू की सड़कों पर गूंजा युवा विद्रोह, कर्फ्यू लागू
Kathmandu में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ Gen-Z Revolution

नेपाल की राजधानी काठमांडू इन दिनों उथल-पुथल से गुजर रही है। यहां हजारों की संख्या में Gen-Z (युवा पीढ़ी) सड़क पर उतर आई है। उनका गुस्सा सोशल मीडिया बैन को लेकर फूटा है। देखते ही देखते यह आंदोलन इतना बड़ा हो गया कि सरकार को राजधानी में कर्फ्यू लगाने पर मजबूर होना पड़ा।

काठमांडू की सड़कों पर युवा लहर
8 सितंबर से शुरू हुए इस आंदोलन का नाम युवाओं ने "Gen-Z Revolution" रखा है। हाथों में तख्तियां और मोबाइल फोन लेकर हजारों युवा नारेबाजी कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार द्वारा फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म्स पर रोक लगाना उनकी आज़ादी पर सीधा हमला है।

संसद भवन तक पहुंचा प्रदर्शन
प्रदर्शन इतना तीव्र हो गया कि कई युवा संसद भवन के बाहर तक पहुंच गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। इसी दौरान कई युवाओं की पुलिस के साथ झड़प भी हुई।

इंटरनेट और फोन सेवाएं बाधित
विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकार ने कई घंटों तक इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं बंद रखीं। युवाओं ने आरोप लगाया कि सरकार लोगों की आवाज दबाने के लिए लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कर रही है।

सोशल मीडिया बैन से भड़का गुस्सा
दरअसल, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार ने 4 सितंबर को फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, वॉट्सऐप, रेडिट और X समेत 26 सोशल मीडिया ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसी फैसले के खिलाफ नेपाल की नई पीढ़ी सड़कों पर उतर आई है।

भ्रष्टाचार और बेरोजगारी पर भी गुस्सा
यह आंदोलन केवल सोशल मीडिया बैन तक सीमित नहीं रहा। युवाओं ने सरकार पर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और अभिव्यक्ति की आज़ादी छीनने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि नेपाल की राजनीति में युवाओं की आवाज को दबाया जा रहा है।