1 फरवरी 2026 को इतिहास रचेंगी निर्मला सीतारमण, लगातार नौवां बजट पेश करने की तैयारी
एक फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवां बजट पेश कर इतिहास रचेंगी। जानिए बजट से जुड़े रिकॉर्ड, पुराने वित्त मंत्रियों की उपलब्धियां और अहम तथ्य।
एक फरवरी 2026 को देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रही हैं। वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच जब वह आम बजट पेश करेंगी, तो यह उनका लगातार नौवां बजट होगा। इसके साथ ही वे देश में सबसे अधिक लगातार बजट पेश करने वाली वित्त मंत्री बन जाएंगी। माना जा रहा है कि इस बजट का फोकस आर्थिक वृद्धि को रफ्तार देने और सुधारों को आगे बढ़ाने पर रहेगा।
इस उपलब्धि के साथ निर्मला सीतारमण पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड के भी काफी करीब पहुंच जाएंगी। देसाई ने अलग-अलग कार्यकालों में कुल दस बजट पेश किए थे। उन्होंने 1959 से 1964 के बीच वित्त मंत्री रहते हुए छह बजट और 1967 से 1969 के दौरान चार बजट पेश किए थे। हालांकि, लगातार बजट पेश करने के मामले में यह रिकॉर्ड अब सीतारमण के नाम ही दर्ज होगा।
पुराने दिग्गजों से आगे
पूर्व वित्त मंत्रियों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पी चिदंबरम और प्रणब मुखर्जी भी इस सूची में अहम नाम रहे हैं। पी चिदंबरम ने अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में कुल नौ बजट पेश किए, जबकि प्रणब मुखर्जी ने आठ बार बजट सदन में रखा। इसके बावजूद, लगातार सबसे अधिक बजट पेश करने का रिकॉर्ड निर्मला सीतारमण के नाम दर्ज होने जा रहा है।
मोदी सरकार में लगातार भरोसा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2019 में दूसरी बार सत्ता में आने के बाद निर्मला सीतारमण को देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री बनाया था। इसके बाद 2024 में तीसरी बार मोदी सरकार बनने पर भी वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी उन्हीं के पास रही। फरवरी 2024 के अंतरिम बजट सहित अब तक वे आठ लगातार बजट पेश कर चुकी हैं।
आजादी के बाद पहला बजट
स्वतंत्र भारत के बजट इतिहास की बात करें तो पहला आम बजट 26 नवंबर 1947 को पेश किया गया था। देश के पहले वित्त मंत्री आर के शनमुखम चेट्टी ने यह बजट रखा था, जिसे आज भी ऐतिहासिक दस्तावेज के रूप में देखा जाता है।
अब भी कायम सबसे बड़ा रिकॉर्ड
सबसे अधिक बजट पेश करने का रिकॉर्ड अब भी मोरारजी देसाई के नाम दर्ज है। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू और बाद में लाल बहादुर शास्त्री के प्रधानमंत्रित्व काल में वित्त मंत्री रहते हुए कुल दस बजट पेश किए थे। यह रिकॉर्ड दशकों से कायम है।
बजट पेश करने वाले अनुभवी चेहरे
पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने पहली बार 19 मार्च 1996 को बजट पेश किया था। इसके बाद उन्होंने संयुक्त मोर्चा और कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारों में कुल नौ बजट सदन में रखे। वहीं प्रणब मुखर्जी ने 1982 से 1984 के बीच और फिर संप्रग सरकार में लगातार पांच वर्षों तक बजट पेश करते हुए कुल आठ बजट दिए।
सुधारों का दौर
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी 1991 से 1995 के बीच वित्त मंत्री रहते हुए लगातार पांच बजट पेश किए थे। इन्हीं बजटों को देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़े सुधारों की नींव माना जाता है।
सबसे लंबा बजट भाषण
बजट भाषण की अवधि को लेकर भी कई दिलचस्प रिकॉर्ड दर्ज हैं। अब तक का सबसे लंबा बजट भाषण निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी 2020 को दिया था, जो दो घंटे 40 मिनट तक चला। खास बात यह रही कि उन्होंने दो पन्ने शेष रहते हुए भाषण समाप्त कर दिया था।
सबसे संक्षिप्त बजट
वहीं सबसे छोटा बजट भाषण 1977 में हिरूभाई मुल्जीभाई पटेल ने दिया था। उनका अंतरिम बजट भाषण केवल 800 शब्दों का था, जो आज भी रिकॉर्ड है।
बजट का समय क्यों बदला
बजट पेश करने के समय और तारीख में भी समय के साथ बदलाव हुए हैं। पहले बजट फरवरी के अंतिम दिन शाम पांच बजे पेश किया जाता था, ताकि भारत और लंदन में घोषणाएं एक साथ हो सकें। वर्ष 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने इसे बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया।
एक फरवरी की नई परंपरा
बजट की तारीख में बदलाव 2017 में किया गया, जब इसे एक फरवरी को पेश करने की परंपरा शुरू हुई। इसका उद्देश्य यह था कि संसद से समय पर मंजूरी मिल सके और एक अप्रैल से नए वित्त वर्ष के साथ बजट को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।


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