तंबाकू पर केंद्र सरकार की सख्ती! सिगरेट-हुक्का होंगे महंगे, जेब पर पड़ेगा सीधा असर
मोदी सरकार तंबाकू उत्पादों पर 40% GST लगाने की तैयारी में है। सिगरेट और हुक्का की कीमतें बढ़ेंगी। राज्यों ने भी अतिरिक्त टैक्स में हिस्सेदारी की मांग की है। जानें पूरी डिटेल।
देश में तंबाकू का शौक रखने वालों के लिए बुरी खबर है। केंद्र सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह सिगरेट, हुक्का, सिगार और पान मसाला जैसे तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में लागू किए जाने वाले GST 2.0 सुधारों के तहत इन पर 40% तक जीएसटी लगाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इसका सीधा असर आपकी जेब पर होगा। उदाहरण के लिए, अभी एक पैकेट सिगरेट की कीमत लगभग ₹256 है, जो नए नियम लागू होने पर ₹280 के आसपास पहुंच सकती है।
सरकार का मकसद– राजस्व और स्वास्थ्य दोनों पर फोकस
सरकार का कहना है कि यह कदम सिर्फ राजस्व बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य को सुरक्षित करने के लिए भी जरूरी है। तंबाकू उत्पादों की खपत से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है। ज्यादा टैक्स लगने से लोग तंबाकू का सेवन कम कर सकते हैं और साथ ही सरकार को कर वसूली में भी फायदा होगा।
राज्यों की मांग– ज्यादा हिस्सेदारी चाहिए
राज्य सरकारें चाहती हैं कि तंबाकू उत्पादों से वसूले जाने वाले अतिरिक्त टैक्स में उन्हें भी पर्याप्त हिस्सा मिले। उनका तर्क है कि जीएसटी लागू होने के बाद से उनका राजस्व घटा है, इसलिए इस बढ़ोतरी से होने वाली कमाई में उन्हें भी बराबरी का हक मिलना चाहिए।
कुछ राज्यों ने यहां तक सुझाव दिया है कि टैक्स को केंद्रीय और राज्य उत्पाद शुल्क की तरह बांटा जाए, जैसा कि शराब पर होता है।
अभी का टैक्स ढांचा क्या है?
वर्तमान में तंबाकू और इससे जुड़े उत्पादों पर 28% जीएसटी लगता है। इसके अलावा कई तरह के अतिरिक्त टैक्स भी वसूले जाते हैं —
- मुआवजा उपकर
- केंद्रीय उत्पाद शुल्क
- राष्ट्रीय आपदा शुल्क
इन सभी वजहों से तंबाकू उत्पाद Sin Goods की श्रेणी में आते हैं, यानी जिन पर टैक्स हमेशा ऊंचा रखा जाता है।
भारत में क्यों है तंबाकू सस्ता?
वैश्विक स्तर पर भारत उन देशों में आता है जहां तंबाकू उत्पाद काफी सस्ते माने जाते हैं। यही वजह है कि यहां तंबाकू की खपत लगातार बढ़ रही है। संसद की एक स्थायी समिति ने भी सिफारिश की थी कि टैक्स बढ़ाकर खपत कम की जाए, जिससे स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़े और सरकार को भी ज्यादा कमाई हो।
सरकार की कमाई का बड़ा जरिया
वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, साल 2022-23 में तंबाकू उत्पादों से सरकार को 72,788 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर टैक्स बढ़ता है तो यह आंकड़ा और ऊंचा जा सकता है।


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