नीतीश कैबिनेट की पहली बैठक में बड़ा फैसला: ‘बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन’ को हरी झंडी, 25 नई चीनी मिलों और 11 टाउनशिप की योजना भी पास
नीतीश कैबिनेट की पहली बैठक में बिहार AI मिशन, 25 नई चीनी मिलें, 11 टाउनशिप, डिफेंस कॉरिडोर और टेक सिटी सहित 10 बड़े प्रस्तावों को मंजूरी मिली।
नई सरकार के गठन के बाद मंगलवार को हुई पहली मंत्रिपरिषद बैठक बिहार के भविष्य की दिशा बदलने वाली साबित हुई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक में राज्य को तकनीक, उद्योग, शहरी विकास और नवाचार के नए युग में ले जाने वाले 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने प्रेस को महत्वपूर्ण फैसलों की विस्तृत जानकारी दी।
‘बिहार आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस मिशन’ की स्थापना
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के अनुसार बिहार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में राष्ट्रीय अग्रणी राज्यों की पंक्ति में लाने के लिए सरकार ने Bihar Artificial Intelligence Mission को स्वीकृति दी है।
उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में AI सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक बदलाव की सबसे बड़ी शक्ति बन चुका है। बिहार सरकार का लक्ष्य है कि शोध, नवाचार, उच्च तकनीकी प्रशिक्षण और ग्लोबल इंडस्ट्री सहयोग के साथ बिहार को एक प्रमुख AI हब बनाया जाए।
AI मिशन से विकास को मिलेगी नई गति
मुख्य सचिव ने बताया कि यह मिशन केवल तकनीक तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राज्य की सामाजिक और आर्थिक प्रगति को भी नई रफ्तार देगा। सरकार का उद्देश्य है कि सरकारी सेवाएँ अधिक स्मार्ट हों, युवाओं को अत्याधुनिक AI-training मिले, उद्योगों को High-tech वातावरण मिले, स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिले।
राज्य में खुलेंगी 25 नई चीनी मिलें, बंद पड़ी 9 मिलें होंगी पुनर्जीवित
बैठक में लिया गया एक और बड़ा निर्णय था—राज्य में 25 नई चीनी मिलों की स्थापना। बिहार की 9 पुरानी मिलें वर्षों से बंद हैं। सरकार ने इन मिलों को पुनर्जीवित करने और नई मिलों की स्थापना के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है, जो नीति, समयसीमा और कार्ययोजना तैयार करेगी।
कृषि अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा, किसानों को बढ़ेगा लाभ
राज्य में आधुनिक और सुव्यवस्थित शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए 11 नई टाउनशिप का प्रस्ताव मंजूर किया गया है। इनमें 9 प्रमंडलीय मुख्यालयों के साथ सीतामढ़ी और सोनपुर को भी शामिल किया गया है। इन टाउनशिप में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट सुविधाएँ और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
पूर्वी भारत का नया ‘टेक हब’ बनेगा बिहार
बिहार को पूर्वी भारत का तकनीकी केंद्र बनाने के लिए कैबिनेट ने कई हाई-वैल्यू परियोजनाओं को मंजूरी दी:
डिफेंस कॉरिडोर
सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs)
मेगा टेक सिटी
फिनटेक सिटी
इन परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक हाई-लेवल कमिटी बनाई जाएगी जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल होंगे। कमिटी 6 महीनों में अपनी रिपोर्ट देगी।
‘न्यू एज इकोनॉमी’ तैयार करने का लक्ष्य
मुख्य सचिव ने कहा कि बिहार की आर्थिक रफ्तार बढ़ाने के लिए Technology + Services आधारित New Age Economy तैयार की जाएगी।
इसके लिए देश और विदेश के सफल उद्यमियों से सुझाव लेकर नई नीति बनाई जाएगी। राज्य को Global Back-end Hub और Global Workplace बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्टार्टअप्स को मिलेगा बड़ा प्लेटफॉर्म
बिहार सरकार ने स्पष्ट किया कि राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं और उद्यमियों को स्टार्टअप इकोसिस्टम से जोड़ने के लिए नई योजनाएँ तैयार होंगी। इन योजनाओं के सही क्रियान्वयन और प्रगति पर नजर रखने के लिए एक High-Level Startup Committee बनाई जाएगी।


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