शतरंज के खेल जैसी थी हर चाल, IIT मद्रास में आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी ने खोले 'ऑपरेशन सिंदूर' के राज

थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने चेन्नई में ऑपरेशन सिंदूर के राज खोले। पहलगाम हमले के बाद राजनीतिक नेतृत्व से मिली खुली छूट, सात टारगेट पर निर्णायक कार्रवाई और पाकिस्तान पर तंज – पढ़ें ऑपरेशन की पूरी कहानी।

शतरंज के खेल जैसी थी हर चाल, IIT मद्रास में आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी ने खोले 'ऑपरेशन सिंदूर' के राज
General Upendra Dwivedi

चेन्नई में आईआईटी मद्रास में संबोधन के दौरान थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर के कई अहम पहलुओं का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन ठीक वैसे ही था जैसे शतरंज का खेल – हमें नहीं पता था कि दुश्मन की अगली चाल क्या होगी और हमारी प्रतिक्रिया क्या होगी। कभी हम उन्हें शह और मात दे रहे थे, तो कभी अपनी जान जोखिम में डाल रहे थे।

पहलगाम हमले के बाद ‘बस, बहुत हो गया’ – रक्षा मंत्री का निर्णायक आदेश
जनरल द्विवेदी ने बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम में पर्यटकों पर हमला हुआ, जिससे पूरा देश दुख और आक्रोश में था। 23 अप्रैल को हुई उच्च स्तरीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सख्त लहजे में कहा – बस, बहुत हो गया। तीनों सेना प्रमुख इस बात पर सहमत थे कि अब निर्णायक कार्रवाई जरूरी है।

राजनीतिक नेतृत्व से मिली खुली छूट ने बढ़ाया सेना का मनोबल
जनरल द्विवेदी के अनुसार, रक्षा मंत्रालय ने सेना को पूरी छूट दी – 'आप तय करें कि क्या करना है'। यह पहली बार था जब सेना को इतना आत्मविश्वास और स्पष्ट राजनीतिक दिशा मिली, जिससे जमीनी स्तर पर कमांडरों को अपनी रणनीति के अनुसार काम करने में मदद मिली।

7 टारगेट हुए तबाह, कई आतंकी ढेर – ऑपरेशन सिंदूर की सफलता
25 अप्रैल को उत्तरी कमान का दौरा करते हुए सेना ने नौ में से सात टारगेट को चुनकर योजना बनाई और सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इन कार्रवाइयों में कई आतंकवादी मारे गए और दुश्मन के ढांचे को भारी नुकसान हुआ।

नाम बदलने के पीछे की कहानी – सिंधु से सिंदूर तक
जनरल द्विवेदी ने बताया कि शुरुआत में ऑपरेशन का नाम 'ऑपरेशन सिंधु' रखा गया था, लेकिन बाद में इसे 'ऑपरेशन सिंदूर' किया गया। उन्होंने कहा कि यह नाम पूरे देश को जोड़ने और प्रेरित करने वाला बन गया।

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर जनरल द्विवेदी का तंज
जब पाकिस्तान में जश्न मनाने के सवाल पर उनसे पूछा गया, तो उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा – अगर आप किसी पाकिस्तानी से पूछें कि आप हारे या जीते, तो वह कहेगा कि मेरा सेनापति फील्ड मार्शल बन गया है। हम ही जीते होंगे, इसीलिए वह फील्ड मार्शल बना।