'नॉट फाउंड सूटेबल' के जरिए एससी-एसटी और ओबीसी युवाओं के खिलाफ साजिश, राहुल गांधी का आरोप
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 'नॉट फाउंड सूटेबल' श्रेणी को एससी, एसटी और ओबीसी युवाओं को शिक्षा और नेतृत्व से वंचित रखने की साजिश बताया। उन्होंने मोदी सरकार पर शिक्षा के महत्व को कमजोर करने और भर्तियों में भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को सरकारी भर्तियों में 'नॉट फाउंड सूटेबल' (कोई योग्य नहीं मिला) श्रेणी को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने इसे एक नई साजिश करार देते हुए कहा कि यह एससी, एसटी और ओबीसी युवाओं को शिक्षा और नेतृत्व से वंचित रखने की चाल है।
छात्र संवाद में उठाया मुद्दा
दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ संवाद करते हुए राहुल गांधी ने कहा, "यह श्रेणी केवल एक बहाना है। इसे इसलिए लाया गया है ताकि सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के युवाओं को शिक्षा और नेतृत्व के अवसरों से वंचित किया जा सके।"
मोदी सरकार पर तीखा हमला
राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "सरकार शिक्षा को हथियार बनाने की जगह उसे कुंद करने में लगी है। यह केवल भर्तियों की बात नहीं है, बल्कि यह हमारे युवाओं के सपनों को कुचलने का प्रयास है।"
एससी-एसटी और ओबीसी वर्गों पर प्रभाव
कांग्रेस नेता ने यह भी दावा किया कि 'नॉट फाउंड सूटेबल' श्रेणी का सबसे ज्यादा प्रभाव अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के युवाओं पर पड़ रहा है।
राहुल गांधी का समाधान प्रस्ताव
राहुल ने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने पर ऐसी नीतियों को बदला जाएगा। उन्होंने कहा, "हम शिक्षा को हर वर्ग के लिए सुलभ और रोजगार को निष्पक्ष बनाएंगे।"
कांग्रेस की रणनीति
कांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद्दे को संसद और सड़कों पर उठाने का फैसला किया है। पार्टी इसे देश के युवाओं और उनकी आकांक्षाओं के साथ धोखा बता रही है।
छात्रों की प्रतिक्रिया
दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने राहुल गांधी के इस बयान का स्वागत किया। एक छात्र ने कहा, "यह हमारे भविष्य का सवाल है, और राहुल जी ने इसे सही तरीके से उठाया है।"


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