पश्चिम बंगाल में बड़ा दांव! रामदास अठावले का ऐलान— 'एक भी सीट नहीं लड़ेंगे, फिर भी बनेगी एनडीए सरकार'
रामदास अठावले ने पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर बड़ा ऐलान किया है। आरपीआई चुनाव नहीं लड़ेगी और बीजेपी को समर्थन देगी। जानिए उनके बड़े दावे और 2029 को लेकर क्या कहा।
केंद्रीय मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के प्रमुख रामदास अठावले ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी पार्टी राज्य में एक भी सीट पर चुनाव नहीं लड़ेगी। इसके बजाय सभी सीटों पर भारतीय जनता पार्टी का समर्थन करेगी। अठावले ने विश्वास जताया कि इस रणनीति से राज्य में एनडीए की सरकार बनने का रास्ता साफ होगा और राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
अठावले ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए उन्हें पूरा भरोसा है कि पश्चिम बंगाल में इस बार भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनेगी। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी ने सोच-समझकर यह फैसला लिया है ताकि विपक्षी वोटों का बंटवारा न हो और बीजेपी को सीधा फायदा मिले। उन्होंने यह भी कहा कि पांच तारीख को वे खुद बंगाल जाकर पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे और समर्थन अभियान को मजबूत करेंगे।
ममता बनर्जी पर निशाना, “सीएम नहीं बनेंगी” का दावा
उन्होंने अन्य दलों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन भी किसी गठबंधन के साथ चुनाव लड़ रही है, लेकिन हर पार्टी को चुनाव लड़ने और अपनी सीटें जीतने का अधिकार है। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए दावा किया कि इस बार वे मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगी और राज्य में बीजेपी का ही मुख्यमंत्री बनेगा। उन्होंने यहां तक कहा कि अगर ममता बनर्जी चाहें तो एनडीए में शामिल हो सकती हैं।
2029 को लेकर बड़ा दावा—“मोदी चौथी बार बनेंगे प्रधानमंत्री”
अठावले ने राष्ट्रीय राजनीति पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि 2029 में भी एनडीए की सरकार बनेगी और नरेंद्र मोदी चौथी बार प्रधानमंत्री बनेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी जल्द ही जवाहरलाल नेहरू के सबसे लंबे कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकते हैं। उनके अनुसार प्रधानमंत्री की सेहत और सक्रियता को देखते हुए यह लक्ष्य पूरी तरह संभव है।
पश्चिम एशिया संकट पर चिंता, तेल-गैस आपूर्ति पर असर
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर भी अठावले ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। खासकर ईरान में गैस और कच्चे तेल के बड़े भंडार होने के कारण युद्ध से आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इससे ट्रांसपोर्टेशन बाधित हो गया है और भारत समेत कई देशों में ऊर्जा संकट की स्थिति बन रही है। उन्होंने दोहराया कि भारत हमेशा शांति का पक्षधर रहा है और प्रधानमंत्री मोदी भी पहले ही इस दिशा में अपनी बात रख चुके हैं।


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