बंगाल का बॉस कौन? भवानीपुर में ममता बनर्जी बनाम सुवेंदु अधिकारी, टीएमसी की 291 सीटों पर लिस्ट जारी
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला तय. टीएमसी ने 291 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए, भाजपा पर ममता के तीखे आरोप.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है. तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करते हुए 291 सीटों पर नामों का ऐलान कर दिया. कोलकाता के कालीघाट स्थित पार्टी दफ्तर में हुई प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया, जिससे इस सीट पर मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है.
भवानीपुर सीट पर हाई-प्रोफाइल मुकाबला तय
भारतीय जनता पार्टी भी अपनी पहली सूची पहले ही जारी कर चुकी है और पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी को भवानीपुर के साथ-साथ नंदीग्राम से भी मैदान में उतारा है. इससे साफ संकेत मिल रहा है कि भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा, जो पिछले चुनाव की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को और तीखा बना सकता है.
पुरानी हार-जीत का हिसाब फिर खुला
गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था, लेकिन इसके बाद हुए उपचुनाव में ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट से जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत कर ली थी. अब एक बार फिर दोनों नेताओं का आमना-सामना होने से मुकाबला और रोचक हो गया है.
ममता का दावा- 226 सीटों पर जीत पक्की
ममता बनर्जी ने इस मौके पर दावा किया कि उनकी पार्टी 226 सीटों पर जीत हासिल करेगी. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए ‘बीजेपी का बहिष्कार, बीजेपी को वोट नहीं’ का नारा दिया और कहा कि भाजपा 50 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी.
शांतिपूर्ण चुनाव की अपील के साथ आत्मविश्वास
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस का चुनाव चिह्न ‘जोड़ा फूल’ जीत का प्रतीक है और पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण चुनाव चाहती है. साथ ही उन्होंने समर्थकों से संयम बनाए रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों के तहत चुनाव लड़ने की अपील भी की.
चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप
चुनाव आयोग पर भी ममता बनर्जी ने सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा के दबाव में प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि चुनाव की अधिसूचना से पहले ही मुख्य सचिव और पुलिस आयुक्त जैसे बड़े अधिकारियों को हटाया गया, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है.
बंगाल की अस्मिता का मुद्दा बना चुनाव
ममता बनर्जी ने इसे बंगाल के अस्तित्व की लड़ाई बताते हुए कहा कि ‘मां, माटी, मानुष’ की जीत होगी, न कि बाहरी ताकतों की. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले प्रशासन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है और त्योहारों से पहले अधिकारियों को हटाना भी संदेह पैदा करता है.


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