जब रतन टाटा ने मांगे सिक्के और बोले — ‘मेरे पास कार नहीं’, अमिताभ बच्चन भी रह गए हैरान

रतन टाटा की पुण्यतिथि पर जानिए वो किस्से जो आज भी दिल को छू लेते हैं। कैसे उन्होंने हीथ्रो एयरपोर्ट पर अमिताभ बच्चन से मांगे सिक्के? क्यों कहा कि ‘मेरे पास कार नहीं’? पढ़ें उनकी सादगी और विनम्रता की यादगार कहानियां।

जब रतन टाटा ने मांगे सिक्के और बोले — ‘मेरे पास कार नहीं’, अमिताभ बच्चन भी रह गए हैरान
amitabh bachchan and ratan tata (file photo)

रतन टाटा को इस दुनिया से गए करीब एक साल होने वाला है। लेकिन उनकी सादगी और दरियादिली के किस्से आज भी सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं। उनकी ज़िंदगी से जुड़े वो लम्हें, जो इंसानियत की मिसाल हैं, हमें आज भी सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि असली “रईसी” पैसों में नहीं, दिल में होती है।

बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन और रतन टाटा के बीच सिर्फ पेशेवर रिश्ता ही नहीं बल्कि गहरी इंसानी मोहब्बत और सम्मान का रिश्ता भी था। रतन टाटा की मृत्यु के बाद, अमिताभ बच्चन ने उनके कई ऐसे किस्से शेयर किए जिन्होंने हर किसी का दिल छू लिया।

KBC में Big B ने सुनाया रतन टाटा का ‘हीथ्रो’ वाला किस्सा
कौन बनेगा करोड़पति (KBC) सीजन 16 के एक एपिसोड में अमिताभ बच्चन ने वो कहानी सुनाई जिसे सुनकर ऑडियंस भी भावुक हो गई। उस दिन शो में फिल्म निर्माता फराह खान और अभिनेता बोमन ईरानी मेहमान थे।

अमिताभ बच्चन ने बताया कि एक बार वो और रतन टाटा लंदन की फ्लाइट में साथ थे। लंदन पहुंचकर हीथ्रो एयरपोर्ट पर रतन टाटा अपने असिस्टेंट से बिछड़ गए। उन्हें एक जरूरी फोन कॉल करना था।

बिग बी ने हंसते हुए कहा — वो एक फोन बूथ में गए और मैं पास ही खड़ा था। थोड़ी देर बाद वो मेरे पास आए और बोले — ‘अमिताभ, क्या मैं कुछ पैसे उधार ले सकता हूं? मेरे पास फोन करने के लिए सिक्के नहीं हैं।

अमिताभ बच्चन ने कहा कि ये सुनकर वो चौंक गए। वो बोले — एक ऐसा आदमी, जिसके पास असीमित दौलत थी, वो इतनी सादगी से मेरे पास आकर पैसे मांग रहा था। यही उनकी खूबी थी। वो कितने साधारण इंसान थे, मैं शब्दों में नहीं बता सकता।

'मेरे पास कार नहीं है' — रतन टाटा की विनम्रता
अमिताभ बच्चन ने KBC में एक और किस्सा शेयर किया। उन्होंने बताया कि उनके एक दोस्त ने एक बार किसी कार्यक्रम में रतन टाटा के साथ शिरकत की। कार्यक्रम के बाद रतन टाटा ने उनसे बड़ी सहजता से कहा — क्या आप मुझे घर छोड़ सकते हैं? मेरा घर आपके घर के पास ही है।

अमिताभ बच्चन ने हैरानी जताते हुए कहा — रतन टाटा जैसा इंसान, और वो कहते हैं कि मेरे पास कार नहीं है। आप सोच भी सकते हैं? यही उनकी सादगी को सबसे ऊपर रखता है।

रतन टाटा: इंसानियत का दूसरा नाम
इन कहानियों ने एक बार फिर साबित किया कि रतन टाटा जैसे लोग अपनी दौलत से नहीं बल्कि अपने व्यवहार और इंसानियत से याद किए जाते हैं। वो लोगों के दिलों पर राज करते थे और हमेशा करेंगे।

अगर आपको रतन टाटा की ये यादें दिल छू गईं तो इस आर्टिकल को शेयर करें और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाएं।