RBI गवर्नर बोले – भारत जल्द बनेगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी Economy, जन धन योजना को दिया श्रेय

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। उन्होंने विकास का श्रेय प्रधानमंत्री जन धन योजना को दिया। हाल ही में इस योजना ने 11 साल पूरे किए हैं।

RBI गवर्नर बोले – भारत जल्द बनेगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी Economy, जन धन योजना को दिया श्रेय
RBI Governor Sanjay Malhotra

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शनिवार को कहा कि भारत बहुत जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (Third Largest Economy) बनने जा रहा है। उन्होंने देश की तेज़ रफ्तार विकास यात्रा का श्रेय प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) को दिया।

इंदौर के रंगवासा गांव में आयोजित एक सरकारी बैंक के Financial Inclusion Campaign– संतृप्ति शिविर को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और RBI ने मिलकर करीब 11 साल पहले यह योजना शुरू की थी, जिसने भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी।

7.8% GDP Growth के बीच गूँजा RBI Governor का आत्मविश्वास
मल्होत्रा का यह बयान ऐसे समय आया है, जब टैरिफ टेंशन के बावजूद भारत की GDP चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 7.8% की रफ्तार से बढ़ी है। यह पिछले पाँच तिमाहियों में सबसे ऊँची वृद्धि दर मानी जा रही है।

उन्होंने कहा – आज भारत दुनिया की 5 सबसे विकसित अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और जल्द ही तीसरे स्थान पर पहुँचेगा। जन धन योजना ने हर वर्ग के व्यक्ति को वित्तीय व्यवस्था से जोड़कर इस सपने को साकार करने की नींव रखी है।

55 करोड़ खातों ने बदली करोड़ों ज़िंदगियाँ
RBI गवर्नर ने बताया कि जन धन योजना के तहत अब तक 55 करोड़ बैंक खाते खोले जा चुके हैं। इन खातों के ज़रिए आम लोगों को बचत, पेंशन, बीमा, ऋण और अन्य बैंकिंग सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इस कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के चेयरमैन सी.एस. सेट्टी भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन की यह यात्रा भारत को आर्थिक रूप से और भी मज़बूत बना रही है।

जन धन योजना के 11 साल पूरे, पीएम मोदी ने कही खास बात
हाल ही में 28 अगस्त 2025 को जन धन योजना ने अपने 11 साल पूरे किए। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था – यह योजना केवल बैंक खाते खोलने का अभियान नहीं, बल्कि लोगों को अपना भविष्य खुद गढ़ने की शक्ति देने का माध्यम है। जब अंतिम व्यक्ति वित्तीय रूप से सशक्त होता है, तो पूरा देश आगे बढ़ता है।