नौकरी की कर रहे हैं तलाश तो न हो निराश, Air India में निकली है भर्ती

नौकरी की कर रहे हैं तलाश तो न हो निराश, Air India में निकली है भर्ती

नौकरी की कर रहे हैं तलाश तो न हो निराश, Air India में निकली है भर्ती


देश की प्रमुख एयरलाइन कंपनियों में से एक एयर इंडिया अपने समूह का लगातार विस्तार कर रही है. एयर इंडिया पास अभी वर्तमान में 1800 से अधिक पायलट मौजूद हैं. ऐसे में टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली एयरलाइन कंपनी अपने समूह के विस्तार के लिए 1000 से अधिक नए पायलटों को अपने समूह से जोड़ने जा रही है. इस भर्ती में सीनियर पायलट से लेकर ट्रेनी पायलट तक के लिए एयर इंडिया समूह से जुड़ने का सुनहरा अवसर है. आपको बता दें कि टाटा समूह ने जनवरी, 2022 में एयर इंडिया का अधिग्रहण किया था. एयर इंडिया द्वारा निकाले गए एक विज्ञापन के अनुसार, एयरलाइन अब 1,000 से अधिक पायलटों की भर्ती कर रही है.

एयर इंडिया अपने समूह के विस्तार के लिए 500 नए विमानों को अपने बड़े में शामिल करने जा रहा है. जिसके लिए कंपनी ने बोइंग और एयरबस को 470 विमानों का ऑर्डर दिया है. इसमें बड़े आकार के विमान भी शामिल हैं. बोइंग को दी गए आर्डर में 210 ए320/321 नियो/एक्सएलआर और 40 ए350-900/1000 विमान शामिल हैं. वहीं Air India ने बोइंग को 190 737-मैक्स, 20 787एस और 10 777 विमानों का ऑर्डर दिया है. अपने पायलटों और केबिन क्रू के लिए एयर इंडिया ने 17 अप्रैल को एक संशोधित सैलरी स्ट्रक्चर को पेश किया था, पायलट यूनियनों ने इस नए संसोधित सैलरी स्ट्रक्चर का विरोध किया है. अभी तक दो पायलट यूनियनों - इंडियन कमर्शियल पायलट एसोसिएशन और इंडियन पायलट गिल्ड - ने इसे खारिज कर दिया है. उनका कहना है कि एयरलाइन ने नए अनुबंधों को अंतिम रूप देने से पहले उनसे परामर्श नहीं किया. लेबर प्रैक्टिस का उल्लंघन किया गाया है.इस मामले में Air India के 1500 से अधिक पायलटों द्वारा साइन किए गए एक याचिका को रतन टाटा के पास भेजा गया है. रतन टाटा को भेजी अपनी याचिका में एयर इंडिया के पायलटों ने असंतुष्टि जताई है और कहा है कि उनके साथ सम्मान का व्यवहार नहीं हो रहा है. ऐसे व्यव्हार से पायलटों की ड्यूटी पर भी निगेटिव असर पड़ सकता है. पायलटों ने एयर इंडिया के प्रबंधन के खिलाफ विरोध जताते हुए रतन टाटा से मदद मांगी है. रतन टाटा  से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए उन्होंने आरोप लगाया है कि पायलटों की चिंताओं को कंपनी की HR टीम द्वारा महत्त्व नहीं दिया जा रहा है.