विजय दशमी पर मां दुर्गा को अर्पित किया जाता है सिंदूर, जानें विजयदशमी का महत्व ...

विजय दशमी पर मां दुर्गा को अर्पित किया जाता है सिंदूर,  जानें विजयदशमी का महत्व ...
विजय दशमी पर मां दुर्गा को अर्पित किया जाता है सिंदूर,  जानें विजयदशमी का महत्व ...
विजय दशमी पर मां दुर्गा को अर्पित किया जाता है सिंदूर,  जानें विजयदशमी का महत्व ...

विजय दशमी पर मां दुर्गा को अर्पित किया जाता है सिंदूर,

जानें विजयदशमी का महत्व ...

बुराई पर अच्छाई की जीत के रूप में मनाया जाता विजयदशमी।
 

हिंदू धर्म में दशहरे का त्योहार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है,भगवान राम ने लंका के अहंकारी राजा रावण का वध किया था. हर साल अश्वनी मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को यह त्योहार मनाया जाता है. पूरे देश में विजयदशमी का पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है |. इस दिन जगह जगह पर रावण, उसके भाई कुंभकरण और उसके पुत्र मेघनाथ का पुतला जलाया जाता है. रामलीला का मंचन होता है. भव्य मेला लगता है. लोग बड़े हर्षोल्लास से इस में भाग लेते हैं. भगवान राम ने रावण के जन बल और धन बल के अहंकार को समाप्त करने के बाद उसका वध किया था.

पौराणिक कथा के अनुसार महिषासुर नाम का एक राक्षस था जो ब्रह्माजी का बड़ा भक्त था। उसने अपने तप से ब्रह्माजी को प्रसन्न करके एक वरदान प्राप्त कर लिया। वरदान में उसे कोई देव, दानव या पृथ्वी पर रहने वाला कोई मनुष्य मार ना पाए। वरदान प्राप्त करते ही वह बहुत निर्दयी हो गया और तीनों लोकों में आतंक माचने लगा। उसके आतंक से परेशान होकर देवी देवताओं ने ब्रह्मा, विष्णु, महेश के साथ मिलकर मां शक्ति के रूप में दुर्गा को जन्म दिया। मां दुर्गा और महिषासुर के बीच नौ दिनों तक भयंकर युद्ध हुआ और दसवें दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का वध कर दिया। इस दिन को बुराई पर अच्छाई  की जीत के रूप में मनाया जाता है।पौराणिक कथाओं  के अनुसार  नीलकंठ का दर्शन बहुत ही शुभ माना जाता है |  
 भगवान श्रीराम ने लंका पर आक्रमण करने से पहले और रावण के साथ होने वाले युद्ध में जीत के लिए शक्ति की देवी मां भगवतीजी की आराधना की थी। रामेश्वरम में उन्होंने नौ दिनों तक माता की पूजा की। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर मां ने श्रीराम को लंका में विजय प्राप्ति का आशीर्वाद दिया। दसवें दिन भगवान राम ने लंका नरेश रावण को युद्ध में हराकर उसका वध कर लंका पर विजय प्राप्त की।दशहरा या विजयदशमी नवरात्रि के बाद दसवें दिन मनाया जाता है |

इस दिन जगह-जगह मेले लगते हैं और रामलीला का आयोजन होता है | साथ ही रावण का विशाल पुतला बनाकर उसे जलाया  भी जाता है | पौराणिक महत्व के अनुसार इसलिए हर साल मनाया जाता है दशहरा,विसर्जन के समय महिलाएं एक-दूसरे पर सिंदूर लगाती हैं - उनमें से बड़े लोगों के पैरों पर और अन्य एक-दूसरे के चेहरे पर सिंदूर लगाने की परंपरा है। .  इस दिन को  विजयदशमी के रूप में भी जाना जाता है।

उर्वशी गुप्ता