लिव-इन रिलेशन और आवारा कुत्ते-बिल्लियों पर अनिरुद्धाचार्य का बयान, युवाओं ने दी तीखी प्रतिक्रियाएं

वृंदावन के कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने लिव-इन रिलेशन और कुत्ते-बिल्लियों पर विवादित बयान दिया है। सुप्रीम कोर्ट आज आवारा कुत्तों पर फैसला सुनाने वाला है। नोएडा के युवाओं ने इस बयान को लेकर कड़ी प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ ने इसे धर्म का अपमान बताया तो कुछ ने कहा कि बयान गलत तरीके से समझा गया।

लिव-इन रिलेशन और आवारा कुत्ते-बिल्लियों पर अनिरुद्धाचार्य का बयान, युवाओं ने दी तीखी प्रतिक्रियाएं

देश में इन दिनों आवारा कुत्तों का मामला लगातार चर्चा में है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट भी आज इस विषय पर अपना अहम फैसला सुनाने जा रहा है। इसी दौरान वृंदावन के कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने लिव-इन रिलेशन और कुत्तों-बिल्लियों को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिससे विवाद खड़ा हो गया है।

अनिरुद्धाचार्य ने कहा था – लिव-इन में तो कुत्ते-बिल्ली रहते हैं, हमारे देश के कुत्ते हजारों साल से लिव-इन में ही रह रहे हैं। यह लिव-इन कुत्तों का कल्चर है।

युवाओं में नाराजगी
इस बयान को लेकर युवाओं ने मिश्रित प्रतिक्रियाएं दी हैं। नोएडा के एक युवक ने कहा – धर्मगुरुओं को ऐसे बयान नहीं देने चाहिए। इससे धर्म पर सवाल उठते हैं और युवा वेस्टर्न कल्चर की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं। धर्म की रक्षा करना उनका काम है, न कि उसका मजाक उड़ाना।

बयान को धर्म का अपमान बताया
एक अन्य युवक ने इसे सनातन धर्म का अपमान बताया। उनका कहना था कि लिव-इन पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही समर्थन दे चुका है, लेकिन कुत्तों-बिल्लियों का उदाहरण देकर इस पर टिप्पणी करना गलत है। उन्होंने अपील की कि अनिरुद्धाचार्य को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए।

मर्यादा का ध्यान जरूरी
वहीं नोएडा के एक और युवक ने कहा कि अनिरुद्धाचार्य धर्मगुरु हैं, इसलिए उनको अपनी वाणी में मर्यादा रखनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि शादी से पहले लिव-इन में रहना हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार सही नहीं है, लेकिन यह व्यक्तिगत सोच है। उनका मानना था कि अनिरुद्धाचार्य कहना कुछ और चाहते थे, लेकिन उनका बयान गलत तरीके से सामने आया।

लिव-इन पर युवाओं का नजरिया
एक अन्य युवक ने कहा कि रिलेशनशिप में रहना या प्यार करना गलत नहीं है, लेकिन इसके परिणाम भी देखने पड़ते हैं। धर्मगुरुओं की जिम्मेदारी है कि समाज में नैतिकता बनी रहे। उन्होंने कहा कि आजकल नोएडा जैसे शहरों में लिव-इन रिलेशनशिप में क्राइम तेजी से बढ़ रहे हैं। कई मामलों में हत्या तक हुई है। सुरक्षा के लिहाज से भी लिव-इन में रहना खतरनाक हो सकता है।