सुप्रीम कोर्ट से डॉन अरुण गवली को बड़ी राहत, जमानत मिलने के बाद 17 साल बाद जेल से बाहर
कुख्यात गैंगस्टर और पूर्व विधायक अरुण गवली (डैडी) को सुप्रीम कोर्ट से 17 साल बाद जमानत मिली। जानिए क्यों मिली राहत, किस मामले में काट रहा था उम्रकैद और कब होगी अगली सुनवाई।
मुंबई अंडरवर्ल्ड का बड़ा नाम माने जाने वाले अरुण गवली को आखिरकार 17 साल बाद जेल से राहत मिल गई है। नागपुर सेंट्रल जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद गवली को पुलिस कड़ी सुरक्षा में नागपुर एयरपोर्ट तक लेकर आई। यहां से वह फ्लाइट पकड़कर मुंबई रवाना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने क्यों दी गवली को जमानत?
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को गवली को जमानत देने का बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने माना कि गवली लंबे समय से कैद में है और उसकी उम्र भी काफी बढ़ चुकी है। यही वजह रही कि उसे जमानत दी गई। हालांकि, यह राहत अस्थायी है क्योंकि मामले की अगली सुनवाई फरवरी 2026 में होगी।
शिवसेना पार्षद मर्डर केस और उम्रकैद की सजा
2007 में मुंबई के शिवसेना पार्षद कमलाकर जामसांडेकर की हत्या में अरुण गवली का नाम सामने आया था। इस मामले में गवली को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी और 17 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। हाईकोर्ट ने भी उसके खिलाफ फैसले को बरकरार रखा था, लेकिन अब गवली ने उसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
राजनीति में भी बना था गवली का बड़ा नाम
गवली सिर्फ अंडरवर्ल्ड डॉन ही नहीं, बल्कि नेता भी रहा है। 2004 से 2009 तक वह मुंबई की चिंचपोकली सीट से विधायक रहा। उसने अपनी खुद की बनाई पार्टी "अखिल भारतीय सेना" से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। लेकिन अपने राजनीतिक करियर के दौरान ही उसने एक पार्षद की हत्या करवा दी, जिससे उसका डॉन वाला चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया।
‘डैडी’ फिल्म ने दिखाई थी गवली की असली कहानी
अरुण गवली की कहानी इतनी चर्चित रही कि उस पर 2017 में फिल्म ‘डैडी’ भी बनी। इस फिल्म में अर्जुन रामपाल ने गवली का किरदार निभाया था। फिल्म में दिखाया गया कि कैसे गवली एक आम आदमी से अंडरवर्ल्ड डॉन और फिर नेता बन गया।
फरवरी 2026 में होगी अगली सुनवाई
फिलहाल गवली जमानत पर बाहर है, लेकिन मामला अभी खत्म नहीं हुआ है। सुप्रीम कोर्ट इस केस की अगली सुनवाई फरवरी 2026 में करेगा, जहां यह तय होगा कि उसकी सजा बरकरार रहेगी या उसे पूरी तरह आज़ादी मिलेगी।


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