आतंकवाद पर कड़ा रुख अपनाएं,भारत ने चीन और तुर्की को दी नसीहत
भारत ने तुर्की और चीन दोनों को स्पष्ट कर दिया कि आतंकवाद पर दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं है। यह संदेश इन देशों के लिए आतंकवाद के खिलाफ मजबूत रुख अपनाने और भारत की चिंताओं को समझने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
भारत ने तुर्की से पाकिस्तान के सीमा पार आतंकवाद के समर्थन को समाप्त करने और आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र के खिलाफ ठोस और सत्यापन योग्य कार्रवाई का आग्रह किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि देशों के संबंध आपसी सम्मान और एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता के आधार पर बनते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि तुर्की आतंकवाद के मुद्दे पर स्पष्ट और दृढ़ रुख अपनाएगा।
चीन को भी आपसी विश्वास और सम्मान का महत्व समझने की सलाह
चीन के संदर्भ में प्रवक्ता ने कहा कि हाल ही में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच सीमा मुद्दे और आतंकवाद पर चर्चा हुई। एनएसए ने पाकिस्तान से उत्पन्न आतंकवाद के खिलाफ भारत की गंभीरता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत-चीन संबंध आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता पर आधारित हैं, और चीन को इसे समझते हुए अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
भारत का स्पष्ट संदेश: आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं
भारत ने तुर्की और चीन दोनों को स्पष्ट कर दिया कि आतंकवाद पर दोहरा मापदंड स्वीकार्य नहीं है। यह संदेश इन देशों के लिए आतंकवाद के खिलाफ मजबूत रुख अपनाने और भारत की चिंताओं को समझने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।


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