तख्तापलट के बाद अपदस्थ पीएम शेख हसीना को 6 महीने की सजा, अवमानना का मामला बना वजह

Bangladesh की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को अदालत की अवमानना के मामले में 6 माह की सजा, देश छोड़ने के एक साल बाद आया फैसला।

तख्तापलट के बाद अपदस्थ पीएम शेख हसीना को 6 महीने की सजा, अवमानना का मामला बना वजह
Sheikh Hasina

बांग्लादेश की राजनीति में उथल-पुथल के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। देश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) को अदालत की अवमानना (Contempt of Court) के एक मामले में 6 महीने की सजा सुनाई गई है। यह सजा उन्हें उस समय सुनाई गई है जब वह तख्तापलट के बाद देश छोड़कर भारत में शरण लिए हुए हैं।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, न्यायमूर्ति मोहम्मद गुलाम मुर्तुजा मजूमदार की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच ने यह फैसला सुनाया। बेंच के अन्य सदस्य न्यायमूर्ति मोहम्मद शफीउल आलम महमूद और न्यायाधीश मोहम्मद मोहितुल हक इनाम चौधरी हैं।

इस मामले में एक अन्य आरोपी, गोबिंदगंज (गैबांधा) के निवासी शकील अकंद बुलबुल उर्फ मोहम्मद शकील आलम को भी 2 महीने की जेल की सजा दी गई है।

भारत से प्रत्यर्पण की मांग तेज
शेख हसीना इस समय भारत में शरण लिए हुए हैं, और बांग्लादेश की यूनुस सरकार कई बार भारत सरकार से उनका प्रत्यर्पण (extradition) करने की मांग कर चुकी है। हालांकि भारत सरकार ने इस पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

शेख हसीना पर गंभीर आरोप
शेख हसीना के खिलाफ बांग्लादेश में कई आपराधिक मामलों की सुनवाई चल रही है। इनमें भ्रष्टाचार (corruption), हत्याएं (murders), और मानवता के विरुद्ध अपराध (crimes against humanity) शामिल हैं। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (International Crimes Tribunal) ने जुलाई में हुए विद्रोह के दौरान मानवता के विरुद्ध अपराधों के लिए उनके खिलाफ सुनवाई शुरू की है। इस मामले में उनके साथ तीन अन्य आरोपी भी शामिल हैं।

भारत-बांग्लादेश संबंधों पर असर
शेख हसीना के प्रधानमंत्री रहते हुए भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते मजबूत थे। व्यापार, सुरक्षा और सांस्कृतिक सहयोग के कई समझौते उनके कार्यकाल में हुए। लेकिन उनके अपदस्थ होने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में थोड़ी दूरी आ गई है।