बिहार चुनाव 2025: सीट बंटवारे की जंग में दिल्ली में अमित शाह की रणनीतिक बैठक, पटना में तेजस्वी का पलटवार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सीट बंटवारे को लेकर सियासत तेज। दिल्ली में अमित शाह की बैठक, पटना में तेजस्वी यादव की रणनीति और जीतन राम मांझी की 20 सीटों की मांग से बढ़ा राजनीतिक तापमान। जानें NDA बनाम महागठबंधन के समीकरण।
बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, दिल्ली से लेकर पटना तक सियासी हलचल तेज होती जा रही है। भाजपा (BJP) और जेडीयू (JDU) की गठबंधन राजनीति के बीच अब लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के चिराग पासवान और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के जीतन राम मांझी भी अपनी-अपनी ताकत दिखाने में जुट गए हैं।
दिल्ली में अमित शाह की बड़ी बैठक
दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में करीब तीन घंटे तक बीजेपी की अहम बैठक हुई। इसमें बिहार के दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े सहित कई बड़े नेता मौजूद रहे।
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में सीट शेयरिंग (Seat Sharing) को लेकर लंबी चर्चा हुई। पिछली बार बीजेपी और जेडीयू के बीच बराबरी का बंटवारा हुआ था, लेकिन इस बार चिराग पासवान के शामिल होने से समीकरण जटिल हो गए हैं।
पटना में तेजस्वी यादव की रणनीति
वहीं दूसरी ओर, पटना में राजद नेता और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने अपने विधायकों के साथ अहम बैठक की। महागठबंधन (Mahagathbandhan) की इस बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। तेजस्वी की रणनीति साफ है कि चुनाव से पहले अपने विधायकों और कार्यकर्ताओं को मजबूत संदेश दिया जाए ताकि गठबंधन में सीट बंटवारे पर दबाव बनाया जा सके।
जीतन राम मांझी की 20 सीटों की डिमांड
एनडीए (NDA) के सहयोगी और HAM प्रमुख जीतन राम मांझी ने चुनाव से पहले बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर गठबंधन के दिल में उनके लिए “सहानुभूति” है, तो उनकी पार्टी को कम से कम 20 सीटें दी जानी चाहिए।
मांझी ने साफ कहा कि यह सिर्फ उनकी मांग नहीं है बल्कि आम लोगों और कार्यकर्ताओं की भी यही इच्छा है कि उन्हें ऐसी सीटें मिलें जो उनकी राजनीतिक गरिमा को बनाए रख सकें।
चुनावी समीकरण और चुनौतियां
बिहार विधानसभा की 243 सीटों पर अक्टूबर-नवंबर में चुनाव होने की संभावना है। एनडीए में भाजपा और जेडीयू 100-100 से ज्यादा सीटों पर दावेदारी ठोकने की तैयारी में हैं।
दूसरी ओर, सहयोगी दल जैसे चिराग पासवान की LJP और मांझी की HAM भी सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। महागठबंधन में राजद (RJD), कांग्रेस और वामदलों के बीच भी सीट बंटवारे को लेकर खींचतान होना तय है। यानी बिहार चुनाव 2025 में सीट शेयरिंग ही असली जंग का पहला पड़ाव बन गया है।


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