बिहार में नई सरकार की तस्वीर साफ होने लगी: मंत्रिमंडल गठन से पहले गृह मंत्रालय पर अटका पेच, देर रात फिर होगी अहम बैठक

बिहार में नई सरकार के गठन से पहले जेडीयू–बीजेपी के बीच मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर गहन चर्चा जारी है। विधानसभा अध्यक्ष पद पर सहमति बन चुकी है, लेकिन गृह मंत्रालय को लेकर विवाद अभी भी बरकरार है। जानिए कौन-कौन से विभाग किसके खाते में जा सकते हैं।

बिहार में नई सरकार की तस्वीर साफ होने लगी: मंत्रिमंडल गठन से पहले गृह मंत्रालय पर अटका पेच, देर रात फिर होगी अहम बैठक
Nitish Kumar

बिहार में नई सरकार के गठन से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मंत्रिमंडल की संरचना, प्रमुख विभागों के बंटवारे और सत्ता संतुलन को लेकर दिल्ली में जमकर मंथन हुआ। जेडीयू नेताओं राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह और संजय झा की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ लगभग ढाई घंटे चली बैठक ने कई संकेत साफ कर दिए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मंत्रालयों के वितरण, विधानसभा अध्यक्ष पद और दोनों दलों की भविष्य की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। कई मुद्दों पर सहमति बन चुकी है, लेकिन गृह मंत्रालय को लेकर दोनों के बीच तनाव बरकरार है।

गृह मंत्रालय पर ‘बड़ा पेच’, नीतीश झुकने को तैयार नहीं
बीजेपी इस बार गृह मंत्रालय और शिक्षा विभाग को अपने खाते में लेना चाहती है, जबकि इसके बदले वह स्वास्थ्य और वित्त मंत्रालय जेडीयू को देने को तैयार है। जेडीयू शिक्षा विभाग छोड़ने के संकेत दे चुका है, लेकिन गृह मंत्रालय पर उसकी स्पष्ट ना है।

इसके पीछे वजह भी उतनी ही मजबूत है। 2005 से लेकर अब तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य के गृह मंत्री की जिम्मेदारी खुद संभालते आए हैं। कानून-व्यवस्था, पुलिस प्रशासन और भ्रष्टाचार पर काबू बनाए रखने के लिए वे इसे सबसे महत्वपूर्ण विभाग मानते हैं। यही कारण है कि इस मंत्रालय को छोड़ने का सवाल फिलहाल उनके लिए मुश्किल है।

विधानसभा अध्यक्ष पद पर ‘दूर हुई खटास’
एक बड़ा विवाद विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चयन को लेकर भी था, जो अब लगभग खत्म हो चुका है। समझौते के तहत विधानसभा अध्यक्ष बीजेपी का होगा, जबकि उपाध्यक्ष पद जेडीयू के खाते में जाएगा।

कौन-कौन से मंत्रालय किसके खाते? संभावित बंटवारा लगभग तय
बैठक में जो रूपरेखा बनी है, उसके अनुसार प्रमुख विभागों का जो प्रारंभिक बंटवारा उभरकर सामने आया है, वह इस प्रकार हो सकता है—

बीजेपी के संभावित विभाग
राजस्व
सहकारिता
पशु एवं मत्स्य संसाधन
विधि विभाग
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण
उद्योग
पर्यटन
पथ निर्माण विभाग

जेडीयू के संभावित विभाग
कृषि
खान एवं भूतत्व
जल संसाधन
संसदीय कार्य
ऊर्जा
योजना एवं विकास
विज्ञान एवं प्रावैधिकी
तकनीकी शिक्षा
ग्रामीण विकास
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण

सूत्र बताते हैं कि विभागों की हिस्सेदारी को लेकर दोनों दलों के बीच व्यापक सहमति बन चुकी है। अब सिर्फ गृह मंत्रालय पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। उम्मीद जताई जा रही है कि देर रात एक और बैठक होगी, जिसमें नई सरकार का पूरा स्वरूप तय कर लिया जाएगा। अगर यह बैठक सफल रही, तो बिहार की नई सरकार का खाका बुधवार सुबह तक पूरी तरह स्पष्ट हो सकता है।