वोट ही पहचान है… इसे बचाइए!: रोहतास में मुकेश सहनी का बीजेपी पर हमला, कहा– ‘आपके वोट की चोरी हो रही है’

रोहतास के डेहरी ऑन सोन में वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा– वोट का अधिकार ही सबसे बड़ा अधिकार है। बीजेपी पर लोकतंत्र की हत्या और वोट चोरी के आरोप लगाए। मांझी-चिराग पर भी निशाना। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

वोट ही पहचान है… इसे बचाइए!: रोहतास में मुकेश सहनी का बीजेपी पर हमला, कहा– ‘आपके वोट की चोरी हो रही है’
Mukesh sahni

विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संस्थापक और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने आज बड़ा बयान देते हुए कहा कि वोट का अधिकार ही सबसे बड़ा अधिकार है। अगर यह न होता तो एससी, एसटी, पिछड़े और अति-पिछड़े समाज की कोई पहचान न होती।

रोहतास के डेहरी ऑन सोन में कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने बीजेपी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज सत्ता में बैठे लोग जनता के वोट की चोरी कर लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं।

वोट से मिली पहचान, वोट से ही डरते हैं नेता: सहनी
सहनी ने कहा– आपके वोट की ताकत ही थी कि लालू यादव और नीतीश कुमार जैसे लोग मुख्यमंत्री बने। अति पिछड़े और दलित मुखिया बने। यही ताकत है कि नेता जनता से डरते हैं। अब इसी वोट को छीनने की कोशिश हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भी सत्ता के दबाव में काम कर रहा है।

'रोहिंग्या, बांग्लादेशी कहकर दलित-पिछड़े के वोट पर डाका'
सहनी ने बीजेपी पर सीधा आरोप लगाया कि पिछड़े, दलित और आदिवासियों को रोहिंग्या, मुसलमान और बांग्लादेशी बताकर उनके वोट की चोरी की जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि आख़िर बांग्लादेशी बिहार में कैसे घुसे? सरकार को पहले अपने गिरेबान में झाँकना चाहिए।

'लोकतंत्र की हत्या कर रही है भाजपा, मांझी-चिराग मोदी की गोद में बैठे'
उन्होंने जीतन राम मांझी और चिराग पासवान पर भी निशाना साधा। सहनी ने कहा कि उन्हें अपने समाज के वोट के अधिकार के लिए लड़ना चाहिए, लेकिन ये लोग चुप हैं और प्रधानमंत्री मोदी की गोद में बैठे हैं।

सहनी की चेतावनी: वोट छीना तो राशन-पेंशन सब छिन जाएगा
लोगों को आगाह करते हुए सहनी बोले– अगर वोट देने का अधिकार नहीं रहेगा तो न राशन मिलेगा न पेंशन। अब ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकिए जो आपके वोट की चोरी कर रही है।

कई नेताओं ने वीआईपी की सदस्यता ली
इस मौके पर पतपुरा पंचायत की मुखिया कलावती देवी, मुखिया प्रतिनिधि सरोज कुशवाहा, समाजसेवी सत्येंद्र कुशवाहा, सत्येंद्र सिंह और महावीर कुशवाहा ने अपने समर्थकों के साथ वीआईपी की सदस्यता ग्रहण की।