बिहार की ऊर्जा क्रांति: Pumped Storage Projects से बदलेगा राज्य का पावर फ्यूचर

बिहार सरकार ने स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा के लिए Pumped Storage Projects Policy 2025 लागू की है। Greenko और Sun Petro की 13 हजार करोड़ की परियोजनाओं से राज्य को ऊर्जा, निवेश और रोजगार में ऐतिहासिक बढ़त मिलेगी।

बिहार की ऊर्जा क्रांति: Pumped Storage Projects से बदलेगा राज्य का पावर फ्यूचर
ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव

बिहार अब पारंपरिक बिजली उत्पादन से आगे बढ़कर आधुनिक और टिकाऊ ऊर्जा समाधान की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है। राज्य सरकार ने बिजली की विश्वसनीय आपूर्ति और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए Off-Stream Closed Loop Pumped Storage Projects यानी PSP को बढ़ावा देने की ठोस रणनीति अपनाई है। यह तकनीक न केवल बिजली भंडारण की समस्या का समाधान करती है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान भी दिला सकती है।

नदियों से स्वतंत्र, पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा मॉडल
पंप्ड स्टोरेज तकनीक का मूल सिद्धांत बेहद व्यावहारिक है। जब बिजली की मांग कम होती है और सरप्लस बिजली उपलब्ध रहती है, तो उसी बिजली से पानी को नीचे से ऊपर बने रिजर्वायर में पंप कर दिया जाता है। बाद में जब बिजली की मांग बढ़ती है, तो यही पानी नीचे छोड़कर टरबाइन के जरिए फिर से बिजली बनाई जाती है। चूंकि यह प्रणाली किसी नदी या प्राकृतिक जलधारा पर निर्भर नहीं रहती, इसलिए इसे पर्यावरण के लिए सुरक्षित और कम नुकसानदेह माना जाता है।

नीति से लेकर निवेश तक सरकार का पूरा रोडमैप तैयार
राज्य सरकार ने इस नई दिशा को मजबूती देने के लिए वर्ष 2025 की Pumped Storage Projects Promotion Policy लागू की है। इसके तहत बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड यानी BSPGCL को नोडल एजेंसी के तौर पर नियुक्त किया गया है, जो पूरे राज्य में इन परियोजनाओं के नियोजन, मार्गदर्शन और विकास की जिम्मेदारी संभालेगी। इसी क्रम में BSPGCL ने निवेशकों से रुचि जानने के लिए Expression of Interest यानी EOI भी जारी किया था।

निवेशकों को खुला न्योता, सरकार बनेगी मजबूत साझेदार
ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने इस पहल को बिहार के ऊर्जा भविष्य के लिए ऐतिहासिक क़दम बताते हुए कहा कि नई नीति के माध्यम से राज्य देश और विदेश के निवेशकों को आमंत्रित कर रहा है। उनका कहना है कि सरकार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने, बड़े निवेश आकर्षित करने और भारत के Net Zero लक्ष्य में बिहार की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। निवेशकों को हर स्तर पर आवश्यक सुविधाएं और सहयोग दिया जाएगा।

हजारों करोड़ का निवेश, बिहार की अर्थव्यवस्था को नई ताकत
EOI प्रक्रिया के बाद दो बड़ी कंपनियों को बिहार में Pumped Storage Projects विकसित करने के लिए चुना गया है। इनमें M/s Greenko Energies Pvt. Ltd. को 7308 MWh क्षमता की परियोजना और M/s Sun Petro Chemicals Pvt. Ltd. को 6973 MWh क्षमता की परियोजना मिली है। इन दोनों मेगा प्रोजेक्ट्स के जरिए बिहार में करीब तेरह हजार करोड़ रुपये का निजी निवेश आने की संभावना है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा बूस्टर साबित होगा।

ऊर्जा के साथ रोज़गार और विकास का नया इंजन
इन परियोजनाओं का असर सिर्फ बिजली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रोजगार और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। परियोजनाओं के निर्माण और संचालन के दौरान आठ हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, नई स्किल्स और स्थायी आजीविका के अवसर भी प्राप्त होंगे।

बिहार के लिए यह सिर्फ प्रोजेक्ट नहीं, भविष्य की नींव है
कुल मिलाकर, Pumped Storage Projects का यह कदम बिहार के लिए केवल एक ऊर्जा परियोजना नहीं, बल्कि भविष्य की टिकाऊ अर्थव्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक औद्योगिक विकास की मजबूत नींव साबित होने वाला है। आने वाले वर्षों में यही प्रोजेक्ट राज्य को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में निर्णायक बढ़त दिला सकते हैं।