बॉलीवुड में एंटी-एजिंग और ब्यूटी ट्रीटमेंट्स पर बहस, शेफाली जरीवाला की मौत के बाद उठे सवाल

शेफाली जरीवाला की अचानक मौत के बाद ब्यूटी ट्रीटमेंट्स पर बहस तेज हो गई है। जानें करीना, मल्लिका और रोजलिन खान के विचार, और एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट्स के फायदे और नुकसान।

बॉलीवुड में एंटी-एजिंग और ब्यूटी ट्रीटमेंट्स पर बहस, शेफाली जरीवाला की मौत के बाद उठे सवाल
shefali jariwala

बॉलीवुड एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला के अचानक निधन के बाद से एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट्स और ब्यूटी करेक्शन सर्जरी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्डियाक अरेस्ट की संभावित वजह एंटी-एजिंग दवाओं की ओवरडोज मानी जा रही है। हालाँकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

सेलिब्रिटीज़ का एंटी-एजिंग पर रुख
करीना कपूर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बोटोक्स जैसी प्रक्रियाओं का विरोध किया। उन्होंने कहा, "नैचुरल ब्यूटी को अपनाना चाहिए।" मल्लिका शेरावत ने भी इस पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा, "सर्जरी और दवाओं से बचें और नैचुरल ब्यूटी को अपनाएं।"

रोजलिन खान का अनुभव: स्किन ट्रीटमेंट्स और साइड इफेक्ट्स
एनडीटीवी से बातचीत में एक्ट्रेस रोजलिन खान ने अपने ब्यूटी ट्रीटमेंट्स से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि गोरेपन और चमकती त्वचा के लिए वे नियमित रूप से इंजेक्शन लेती थीं।

रोजलिन ने बताया, शुरुआत में, मैं हर हफ्ते एक इंजेक्शन लेती थी। इससे न केवल स्किन गोरी होती है, बल्कि उसमें ग्लो भी आता है। लेकिन ओवरडोज खतरनाक हो सकता है। मैंने इसे धीरे-धीरे महीने में दो और फिर एक इंजेक्शन तक सीमित कर दिया।

एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट्स: कितना सही, कितना गलत?
विशेषज्ञों का मानना है कि एंटी-एजिंग दवाओं और सर्जरी के परिणाम कई बार खतरनाक हो सकते हैं। लंबे समय तक इनका उपयोग शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।