Indo-US Trade War: रूस से बढ़ी नजदीकी, भारत बना सबसे बड़ा तेल खरीदार

भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव बढ़ा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया, लेकिन भारत ने रूस से क्रूड ऑयल का आयात 10-20% तक बढ़ाने का फैसला लिया। जानिए क्यों बढ़ रहा है Indo-US Trade War.

Indo-US Trade War: रूस से बढ़ी नजदीकी, भारत बना सबसे बड़ा तेल खरीदार
PM Narendra Modi and US President Donald Trump

भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाकर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन भारत झुकने के मूड में नहीं है। इसके बजाय, भारत ने रूस से कच्चे तेल (Crude Oil) की खरीद को और बढ़ाने की योजना बनाई है।

रूस से बढ़ेगा तेल आयात
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर महीने में रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) और नायरा एनर्जी (Nayara Energy) रूस से कच्चे तेल का आयात अगस्त की तुलना में 10 से 20% तक बढ़ा सकती हैं। इसका मतलब है कि भारत रोजाना करीब 1.5 से 3 लाख बैरल अतिरिक्त रूसी तेल मंगाने की तैयारी में है।

भारत बना रूस का सबसे बड़ा तेल ग्राहक
पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद भारत रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन चुका है। अमेरिका का आरोप है कि भारत, रूस से सस्ते दाम पर तेल खरीदकर भारी मुनाफा कमा रहा है। वहीं, भारत का कहना है कि पश्चिमी देश खुद रूस से अरबों डॉलर का व्यापार करते हैं और भारत पर सवाल उठाकर Double Standards अपना रहे हैं।

ट्रंप के टैरिफ से संबंधों में दरार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर लगातार दबाव बना रहे हैं। यही वजह है कि उन्होंने भारत पर कुल 50% तक टैरिफ लगाने का फैसला लिया। हालांकि, अमेरिकी संसद की विदेश मामलों की समिति के डेमोक्रेटिक नेताओं ने ट्रंप के इस कदम की आलोचना की है। उनका कहना है कि ट्रंप ने भारत को टारगेट किया, लेकिन चीन जैसे बड़े खरीदारों पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं लगाया।

आलोचना का सामना कर रहे हैं ट्रंप
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप अपनी टैरिफ नीति को लेकर आलोचना झेल रहे हों। अमेरिकी उद्योग जगत और विपक्ष पहले भी कह चुका है कि टैरिफ नीति से US-India Relations कमजोर हो रहे हैं और इसका असर वैश्विक सप्लाई चेन पर भी पड़ सकता है।