ईरान-इजरायल युद्ध: IAEA प्रमुख राफेल ग्रॉसी के पलटते बयान ने परमाणु हथियार विवाद को किया गहरा

इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को हिला दिया है। IAEA चीफ के बदले हुए बयान और अमेरिका की संभावित भूमिका ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। जानिए ताजा हालात।

ईरान-इजरायल युद्ध: IAEA प्रमुख राफेल ग्रॉसी के पलटते बयान ने परमाणु हथियार विवाद को किया गहरा
Israel Iran war

इजरायल और ईरान के बीच बीते आठ दिनों से युद्ध जारी है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को हिला कर रख दिया है। इजरायल ने ईरान की न्यूक्लियर साइट्स पर हमला किया था, जिसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे को भारी नुकसान पहुंचाया। इस बीच, इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के चीफ राफेल ग्रोसी के बयान ने स्थिति को और उलझा दिया है।

'परमाणु हथियार का कोई सबूत नहीं'
IAEA के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने पहले दावा किया था कि ईरान परमाणु हथियार बना रहा है, लेकिन अब उन्होंने कहा है कि इसके कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। ग्रोसी के अनुसार, "सैटेलाइट इमेज से यह स्पष्ट हुआ है कि जिन जगहों पर इजरायल ने हमला किया है, वहां रेडिएशन का कोई प्रमाण नहीं मिला।" IAEA की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर ही इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किए थे।

ईरान का पलटवार: मिसाइल हमले और नागरिक निशाने पर
इजरायल के हमले का जवाब देते हुए ईरान ने कई मिसाइल दागे, जिनमें से कुछ ने इजरायल के महत्वपूर्ण ठिकानों को नुकसान पहुंचाया। गुरुवार को ईरान ने एक अस्पताल पर हमला किया, जिसमें कई लोग घायल हुए। ईरान ने IAEA पर गलत रिपोर्ट देने का आरोप लगाया है और कहा है कि एजेंसी के बयान में देरी होने से युद्ध शुरू हो चुका है।

अमेरिका की भूमिका: क्या होगा अगला कदम?
इस युद्ध में अमेरिका के शामिल होने की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह इजरायल के साथ खड़ा है और ईरान को कई बार चेतावनी दे चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका इस संघर्ष में उतरता है, तो यह वैश्विक स्तर पर और गंभीर हो सकता है।